DA Hike 2026: सरकार ने दिया बड़ा तोहफा, अब 60 फीसदी हुआ महंगाई भत्ता; जानें कितनी बढ़ेगी आपकी सैलरी?

केंद्र सरकार ने 18 अप्रैल 2026 को केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी सौगात देते हुए महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अप्रैल 18, 2026

DA Hike 2026: केंद्र सरकार ने देश के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद अब महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया है। लंबे समय से इस घोषणा का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए यह निर्णय किसी राहत से कम नहीं है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस बढ़ोतरी का सीधा फायदा करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख से अधिक पेंशनभोगियों को मिलेगा। बढ़े हुए डीए के साथ उनकी मासिक सैलरी और पेंशन में इजाफा होगा, जिससे बढ़ती महंगाई के बीच उन्हें आर्थिक सहारा मिलेगा।

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सैलरी में कितना होगा इजाफा?

एरियर के साथ मिलेगी बढ़ी हुई राशि

इस फैसले के बाद कर्मचारियों की आय में स्पष्ट वृद्धि देखने को मिलेगी। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी का बेसिक वेतन 36,500 रुपये है, तो 60 प्रतिशत डीए के हिसाब से उसे 21,900 रुपये महंगाई भत्ते के रूप में मिलेंगे।

इसके अलावा, सरकार ने इस बढ़ोतरी को 1 जनवरी 2026 से लागू माना है। इसका मतलब यह है कि कर्मचारियों को सिर्फ बढ़ी हुई सैलरी ही नहीं मिलेगी, बल्कि जनवरी, फरवरी और मार्च के एरियर का भुगतान भी एकमुश्त किया जाएगा। इससे कर्मचारियों के हाथ में एक साथ अच्छी-खासी राशि आएगी।

लंबे समय से थी इस घोषणा की मांग

महंगाई के बीच कर्मचारियों को मिली राहत

केंद्रीय कर्मचारी लंबे समय से महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे। बढ़ती कीमतों के कारण उनके दैनिक खर्चों पर दबाव बढ़ रहा था। ऐसे में सरकार का यह फैसला उनके लिए राहत लेकर आया है।

यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब कर्मचारी संगठन 8वें वेतन आयोग को लागू करने और वेतन संरचना में व्यापक बदलाव की मांग कर रहे हैं। हालांकि, फिलहाल डीए में यह बढ़ोतरी कर्मचारियों के लिए तत्काल राहत का काम करेगी।

क्यों बढ़ाया जाता है महंगाई भत्ता?

महंगाई के प्रभाव को संतुलित करने का माध्यम

महंगाई भत्ता बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की आय को बाजार की बढ़ती कीमतों के अनुसार संतुलित रखना है। सरकार साल में दो बार—जनवरी और जुलाई में—डीए में संशोधन करती है।

इसकी गणना श्रम मंत्रालय द्वारा जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के आधार पर की जाती है। यह सूचकांक बताता है कि जरूरी वस्तुओं और सेवाओं के दामों में कितनी वृद्धि हुई है। उसी के आधार पर कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की जाती है, ताकि उनकी क्रय शक्ति बनी रहे।

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