CWG 2026: हरियाणा की सीमा कलीरामना बनीं देश का गौरव, कॉमनवेल्थ गेम्स में जीता कांस्य पदक

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हरियाणा की सीमा कलीरामना ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया। पहले ही कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने वाली सीमा की सफलता के पीछे कड़ी मेहनत और संघर्ष की प्रेरणादायक कहानी छिपी है। जानिए कैसे उन्होंने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।

हरियाणा की सीमा कलीरामना बनीं देश का गौरव

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जुलाई 31, 2026

CWG 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी क्रम में हरियाणा की प्रतिभाशाली एथलीट सीमा कलीरामना ने महिला डिस्कस थ्रो स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। ग्लासगो में आयोजित इस प्रतियोगिता में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पोडियम पर जगह बनाई और भारत के पदकों की संख्या में एक और इजाफा किया। सीमा की इस उपलब्धि ने न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश को गर्व का अवसर दिया है। उनके शानदार प्रदर्शन की खेल जगत और राजनीतिक क्षेत्र में भी खूब सराहना हो रही है।

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महिला डिस्कस थ्रो में शानदार प्रदर्शन

आपको बता दें कि, महिला डिस्कस थ्रो के फाइनल मुकाबले में सीमा कलीरामना ने 58.65 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इस प्रदर्शन के दम पर उन्होंने तीसरा स्थान हासिल करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। प्रतियोगिता में कड़ी चुनौती के बावजूद सीमा ने संयम और आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन किया। उनका यह प्रदर्शन भारत के लिए बेहद अहम साबित हुआ और उन्होंने अपने पहले ही कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दी शुभकामनाएं

बताते चलें कि, सीमा कलीरामना की ऐतिहासिक उपलब्धि पर हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि सीमा ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से पूरे प्रदेश और देश का सम्मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि यह सफलता हरियाणा के युवाओं और खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने सीमा के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगे भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन की उम्मीद जताई।

खेल और परिवार की जिम्मेदारियों में बनाया संतुलन

सीमा कलीरामना की सफलता इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ खेल में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। वह तीन वर्ष के बच्चे की मां हैं और इसके साथ ही शारीरिक शिक्षा (Physical Education) में पीएचडी की पढ़ाई भी कर रही हैं। परिवार, शिक्षा और खेल—तीनों क्षेत्रों में संतुलन बनाकर उन्होंने यह साबित किया है कि मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के दम पर बड़ी से बड़ी मंजिल हासिल की जा सकती है।

भारत के पदकों की संख्या पहुंची 17

सीमा कलीरामना के कांस्य पदक जीतने के साथ ही कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के कुल पदकों की संख्या 17 हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार बेहतर होता जा रहा है और विभिन्न स्पर्धाओं में देश को सफलता मिल रही है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले मुकाबलों में भी भारतीय खिलाड़ी पदक जीतने की प्रबल दावेदारी पेश करेंगे। इससे पदक तालिका में भारत की स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है।

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खिलाड़ियों के लिए बनी प्रेरणा

सीमा कलीरामना की यह उपलब्धि उन खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों और चुनौतियों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं। उनका संघर्ष और सफलता यह संदेश देती है कि समर्पण, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सफलता हासिल की जा सकती है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सीमा का यह कांस्य पदक भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है और देशवासियों को उनसे भविष्य में भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।