अमृतसर में अकाल तख्त की अहम बैठक, जागत जोत सुरक्षा एक्ट पर विचार-विमर्श

अमृतसर. श्री अकाल तख्त साहिब में सोमवार को आयोजित महत्वपूर्ण पंथक बैठक में गुरु ग्रंथ साहिब जागत जोत सुरक्षा एक्ट-2026 में शामिल उन धाराओं को लेकर चर्चा हुई। जिस पर विभिन्न सिख संगठनों और धार्मिक संस्थाओं की ओर से आपत्तियां जताई हैं। बैठक के लिए विभिन्न सिख जत्थेबंदियों, कार सेवा संप्रदायों, टकसालों, फेडरेशनों, सिख विद्वानों और अलग-अलग राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वर्तमान समय में सिख कौम कई चुनौतियों का सामना कर रही है। सभी एकजुट होकर

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Published On :

जून 15, 2026

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अमृतसर.

श्री अकाल तख्त साहिब में सोमवार को आयोजित महत्वपूर्ण पंथक बैठक में गुरु ग्रंथ साहिब जागत जोत सुरक्षा एक्ट-2026 में शामिल उन धाराओं को लेकर चर्चा हुई। जिस पर विभिन्न सिख संगठनों और धार्मिक संस्थाओं की ओर से आपत्तियां जताई हैं।

बैठक के लिए विभिन्न सिख जत्थेबंदियों, कार सेवा संप्रदायों, टकसालों, फेडरेशनों, सिख विद्वानों और अलग-अलग राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वर्तमान समय में सिख कौम कई चुनौतियों का सामना कर रही है।

सभी एकजुट होकर लेंगे निर्णय
ज्ञानी गड़गज्ज ने कहा कि कौम के भविष्य, धार्मिक मामलों और पंथक एकता से जुड़े विषय भी बैठक के प्रमुख एजेंडे में शामिल रहेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि गुरु महाराज की कृपा से सभी पक्ष एकजुट होकर कौम के हित में सार्थक निर्णय लेने में सफल होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख कौम की सर्वोच्च धार्मिक संस्था है और इसकी मर्यादा, स्वतंत्रता तथा सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार इतिहास इस बात का गवाह है कि श्री अकाल तख्त साहिब की गरिमा और अधिकार को चुनौती देना कभी भी आसान नहीं रहा है।

तख्त की प्रतिष्ठा की रक्षा करना सामूहिक जिम्मेदारी
ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब गुरु साहिब का सदा कायम रहने वाला तख्त है और इसकी प्रतिष्ठा की रक्षा करना पूरे पंथ की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने संगत और पंथक संगठनों से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट रहने तथा कौम के व्यापक हितों के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। पंथक हलकों की नजरें अब इस बैठक पर टिकी हुई हैं, क्योंकि इसमें लिए जाने वाले निर्णय आगामी समय में सिख समुदाय से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की दिशा तय कर सकते हैं।

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