असहमति की आवाज़ों पर वार: इस्तीफा मांगने वालों पर सरकार की सख्ती, नरगिस समेत कई नामचीन हिरासत में

ईरान   ईरानी सुरक्षा बलों ने देश में जारी सुधारवादी आंदोलन से जुड़ी प्रमुख हस्तियों को हिरासत में लेने के लिए अभियान शुरू कर किया। सोमवार को प्रसारित खबरों में यह जानकारी सामने आई है। खबरों के मुताबिक, सुरक्षा बलों के इस कदम से दमनकारी कार्रवाई और भी तेज हो गई है। इससे पहले अधिकारियों ने हिंसा के जरिए देशव्यापी प्रदर्शनों को दबा दिया था। सुरक्षा बलों की कार्रवाई में हजारों लोग मारे गए थे और हजारों अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया था। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी को गिरफ्तार कर सात साल से अधिक जेल

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Published On :

फ़रवरी 9, 2026

ईरान  
ईरानी सुरक्षा बलों ने देश में जारी सुधारवादी आंदोलन से जुड़ी प्रमुख हस्तियों को हिरासत में लेने के लिए अभियान शुरू कर किया। सोमवार को प्रसारित खबरों में यह जानकारी सामने आई है। खबरों के मुताबिक, सुरक्षा बलों के इस कदम से दमनकारी कार्रवाई और भी तेज हो गई है। इससे पहले अधिकारियों ने हिंसा के जरिए देशव्यापी प्रदर्शनों को दबा दिया था। सुरक्षा बलों की कार्रवाई में हजारों लोग मारे गए थे और हजारों अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया था। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी को गिरफ्तार कर सात साल से अधिक जेल की एक अन्य सजा सुनाई गई है।

यह कदम ईरान सरकार के अशांति के खिलाफ बगावत करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को चुप कराने का प्रयास दिखाई देता है क्योंकि ईरान, अमेरिका के साथ नई परमाणु वार्ता का सामना कर रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार चेतावनी दी है कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो वह देश पर हमला कर सकते हैं। मीडिया में प्रसारित खबरों में ईरान की धर्मतांत्रिक व्यवस्था को बदलने की कोशिश कर रहे सुधारवादी आंदोलन के कार्यकर्ताओं के हवाले से बताया गया कि उनके कम से कम चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें कई सुधारवादी गुटों का प्रतिनिधित्व करने वाले सुधारवादी मोर्चे के प्रमुख अजर मंसूरी और पूर्व राजनयिक मोहसेन अमीनजादेह शामिल हैं।

 इब्राहिम असगरजादेह को भी गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने 1979 में तेहरान में अमेरिकी दूतावास पर धावा बोलने वाले विद्यार्थियों का नेतृत्व किया था। इन कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियां संभवतः जनवरी में दिए गए एक सुधारवादी बयान से जुड़ी हैं, जिसमें ईरान के 86 वर्षीय सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई से इस्तीफा देने और देश की देखरेख के लिए एक अंतरिम शासी परिषद नियुक्त करने का आह्वान किया गया था।

 

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