Covid 19 Symptoms: देश के विभिन्न हिस्सों में एक बार फिर कोविड-19 के मामलों में धीरे-धीरे वृद्धि देखी जा रही है। हाल ही में आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले में कुछ संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों का मानना है कि इन नए मामलों के पीछे ओमिक्रॉन का नया सब-वेरिएंट ‘RF.5’ जिम्मेदार है। यह स्थिति एक बार फिर सतर्क रहने का संकेत दे रही है, क्योंकि कोरोना का यह नया रूप शरीर को धीरे-धीरे अपनी चपेट में ले रहा है, जिसके चलते समय पर पहचान करना बेहद जरूरी हो गया है।
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क्या है RF.5 वेरिएंट?
RF.5 वेरिएंट ओमिक्रॉन परिवार का ही एक नया सब-वेरिएंट है, जो वायरस में होने वाले लगातार जेनेटिक म्यूटेशन (आनुवंशिक उत्परिवर्तन) के कारण उत्पन्न हुआ है। आंध्र प्रदेश में पाए गए संक्रमित मरीजों के सैंपल्स को विश्लेषण के लिए पुणे स्थित ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी’ भेजा गया था। जीनोम सीक्वेंसिंग के माध्यम से वैज्ञानिकों ने इस नए वेरिएंट की सटीक पहचान की है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह वायरस का बदला हुआ स्वरूप है जिस पर अभी निरंतर निगरानी रखी जा रही है।
कितना खतरनाक है नया वेरिएंट?
फिलहाल मिली जानकारी और आंकड़ों के आधार पर, RF.5 को ओमिक्रॉन के अन्य सब-वेरिएंट्स की तुलना में अत्यधिक खतरनाक या घातक नहीं माना गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अब तक ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है जो यह साबित करे कि यह वेरिएंट पहले से ज्यादा खतरनाक या जानलेवा है। हालांकि, यह जरूर है कि यह लोगों को बीमार कर रहा है और इसके लक्षण गंभीर हो सकते हैं, इसलिए इसे नजरअंदाज करना उचित नहीं है। अगर समय रहते इसकी पहचान हो जाए और उचित उपचार लिया जाए, तो खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
किसे सबसे अधिक सावधानी बरतनी चाहिए?
यद्यपि यह वेरिएंट सभी के लिए स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है, लेकिन कुछ विशेष श्रेणियों के लोगों को अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है:
बुजुर्ग: जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) कम होती है।
गंभीर बीमारी वाले लोग: जिन्हें पहले से ही हृदय रोग, फेफड़ों या किडनी की समस्या है।
मधुमेह (डायबिटीज): लंबे समय से डायबिटीज से पीड़ित लोग।
कमजोर इम्यूनिटी: किसी अन्य कारणों से जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है।
लक्षण और बचाव के उपाय
RF.5 के लक्षण ओमिक्रॉन के पुराने सब-वेरिएंट्स से मिलते-जुलते हैं। यदि आपको गले में खराश, तेज बुखार, लगातार सिरदर्द, नाक बहना, शरीर में दर्द या अत्यधिक थकान जैसे लक्षण महसूस हों, तो तुरंत कोविड-19 का टेस्ट करवाएं।
घबराने के बजाय सतर्कता अपनाना जरूरी है। बचाव के लिए भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का प्रयोग करें, हाथों की नियमित सफाई बनाए रखें और कोई भी लक्षण दिखने पर स्वयं को आइसोलेट करके डॉक्टर से परामर्श लें। फिलहाल स्वास्थ्य एजेंसियां जीनोम सीक्वेंसिंग के जरिए स्थिति की बारीकी से जांच कर रही हैं, ताकि इसे और फैलने से रोका जा सके।
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