मोगा में कांग्रेस की अंदरूनी कलह खुलकर आई सामने, राजा वड़िंग विरोधी और चन्नी समर्थक पोस्टरों से मचा सियासी बवाल

मोगा  कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के बुधवार को मोगा आने के पहले ही कांग्रेस के एक गुट के लोगों ने शहर में अनेक स्थानों पर पोस्टर लगा दिए। यह पोस्टर पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थन में लगाए गएहैं। मोगा में कांग्रेस के पंजाब प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के विरोध से जुड़े पोस्टरों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। शहर के विभिन्न स्थानों पर लगे पोस्टरों पर लिखा है, "राजा वड़िंग भगाओ, चरणजीत सिंह चन्नी को लाओ।" इन पोस्टरों के सामने आने के बाद जिले का सियासी

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Published On :

अगस्त 5, 2026

मोगा
 कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के बुधवार को मोगा आने के पहले ही कांग्रेस के एक गुट के लोगों ने शहर में अनेक स्थानों पर पोस्टर लगा दिए। यह पोस्टर पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थन में लगाए गएहैं।

मोगा में कांग्रेस के पंजाब प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के विरोध से जुड़े पोस्टरों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। शहर के विभिन्न स्थानों पर लगे पोस्टरों पर लिखा है, "राजा वड़िंग भगाओ, चरणजीत सिंह चन्नी को लाओ।" इन पोस्टरों के सामने आने के बाद जिले का सियासी माहौल गर्मा गया है और लोगों के बीच भी इसको लेकर चर्चा तेज हो गई है।

पोस्टरों को लेकर अलग-अलग तरह की राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये पोस्टर किसने लगाए हैं। पोस्टरों पर लिखा नारा फिलहाल चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।

उल्लेखनीय है कि आज दोपहर कांग्रेस के पंजाब प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग मोगा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं। ऐसे में इन पोस्टरों के सामने आने को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

कुछ लोग अनुमान लगा रहे हैं कि यह पोस्टर चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों द्वारा लगाए गए हो सकते हैं, जबकि कुछ इसे किसी शरारती तत्व की करतूत भी मान रहे हैं।फिलहाल, पोस्टर लगाने वालों की पहचान नहीं हो सकी है और इस संबंध में किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि हाल के दिनों में कांग्रेस के भीतर अलग-अलग नेताओं के समर्थकों की सक्रियता बढ़ी है। पहले राजा वड़िंग की रैली में चन्नी के समर्थन में लगे नारे और अब उनके विरोध में लगाए गए पोस्टर इस बात का संकेत दे रहे हैं कि पार्टी के भीतर मतभेद सतह पर आने लगे हैं। चुनाव से पहले ऐसे घटनाक्रम कांग्रेस की आंतरिक राजनीति को लेकर कई सवाल खड़े कर रहे हैं।