Congress Protest CG: छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने महंगी बिजली दरों और स्मार्ट मीटर के मुद्दे को लेकर राज्यभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि पार्टी आने वाले दिनों में आम जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर व्यापक जनआंदोलन चलाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली की बढ़ती कीमतों और स्मार्ट मीटर की व्यवस्था से उपभोक्ता परेशान हैं। कांग्रेस का कहना है कि वह इन मुद्दों को लेकर प्रदेशभर में लोगों के बीच जाएगी और सरकार के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराएगी।
1 अगस्त से जिला मुख्यालयों में होगी प्रेसवार्ता
दीपक बैज ने बताया कि आंदोलन का पहला चरण 1 अगस्त से शुरू होगा। इस दिन प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में कांग्रेस की ओर से प्रेसवार्ताएं आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों में पार्टी नेता बिजली दरों में हुई वृद्धि, स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों और बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं को तथ्यों के साथ मीडिया और जनता के सामने रखेंगे। कांग्रेस का उद्देश्य इन मुद्दों पर व्यापक जनजागरूकता पैदा करना है।
2 अगस्त से घर-घर पहुंचेगी कांग्रेस
आंदोलन के दूसरे चरण की शुरुआत 2 अगस्त से होगी। कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेशभर में घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करेंगे और स्मार्ट मीटर तथा बढ़े हुए बिजली बिलों से संबंधित शिकायतों और सुझावों को निर्धारित प्रपत्रों में दर्ज करेंगे। पार्टी के अनुसार यह जनसंपर्क अभियान लगातार दो महीने तक चलेगा। इस दौरान अधिक से अधिक उपभोक्ताओं की राय और अनुभव एकत्र किए जाएंगे, ताकि सरकार के समक्ष व्यापक जनमत प्रस्तुत किया जा सके।
अभियान के बाद मुख्यमंत्री निवास का होगा घेराव
कांग्रेस ने घोषणा की है कि दो महीने तक चलने वाले अभियान के बाद एक बड़े प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि प्रदेशभर से जुटाए गए आवेदन पत्रों और जनसमर्थन के आधार पर मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ आम नागरिकों के शामिल होने का दावा किया गया है। पार्टी इसे जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास बता रही है।
बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर सरकार पर निशाना
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में पिछले ढाई वर्षों के दौरान बिजली दरों में पांच बार वृद्धि की गई है। उनके अनुसार, लगातार बढ़ती बिजली कीमतों का सीधा असर आम उपभोक्ताओं और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय 400 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की योजना लागू थी, जबकि वर्तमान व्यवस्था में लोगों को अधिक बिजली बिलों का सामना करना पड़ रहा है।
स्मार्ट मीटर को लेकर लगाए गंभीर आरोप
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि राज्य में कई स्थानों पर लोगों की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। उनका दावा है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल पहले की तुलना में अधिक आने लगे हैं। उन्होंने कहा कि इस कारण लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
बिजली बिल हाफ योजना बंद करने का भी आरोप
कांग्रेस ने राज्य सरकार पर बिजली बिल हाफ योजना को बंद करने का भी आरोप लगाया। दीपक बैज ने कहा कि इस योजना से पहले बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को राहत मिलती थी, लेकिन वर्तमान सरकार के फैसलों के कारण लोगों पर बिजली खर्च का दबाव बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लगातार जनता के बीच उठाती रहेगी और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रखेगी।
केंद्रीय मंत्री के बयान का किया उल्लेख
दीपक बैज ने अपने बयान में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के उस कथित बयान का भी हवाला दिया, जिसमें स्मार्ट मीटर को वैकल्पिक बताया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि केंद्र सरकार स्मार्ट मीटर को विकल्प के रूप में प्रस्तुत कर रही है, तो राज्य में इसे अनिवार्य रूप से लागू करने की शिकायतें क्यों सामने आ रही हैं। कांग्रेस ने कहा कि वह इस विषय पर सरकार से स्पष्ट जवाब मांगती रहेगी और प्रदेशभर में लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेगी।
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