Colombia Bus Attack : दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया से एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है। शनिवार को कोलंबिया के अशांत दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में एक यात्री बस को निशाना बनाकर भीषण विस्फोट किया गया। जानकारी के अनुसार, यह हमला उस समय हुआ जब बस पैनअमेरिकन हाईवे से गुजर रही थी। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि बस के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही कई लोगों की जान चली गई। अब तक मिली आधिकारिक रिपोर्टों के मुताबिक, इस कायरतापूर्ण हमले में 13 यात्रियों की मौत हो चुकी है, जबकि 38 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घटनास्थल पर मची चीख-पुकार और मलबे को देखकर हमले की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। कोलंबियाई सुरक्षा बल तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया।
मासूम बच्चे भी बने हिंसा का शिकार: घायलों की स्थिति चिंताजनक
काउका क्षेत्र के गवर्नर ऑक्टावियो गुजमान ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि विस्फोट काजिबियो नगर पालिका के पास हाईवे पर किया गया। इस हमले की सबसे दुखद बात यह है कि घायलों में पांच मासूम बच्चे भी शामिल हैं, जो अपने परिवार के साथ सफर कर रहे थे। काउका की स्वास्थ्य सचिव कैरोलिना कामार्गो ने मीडिया को जानकारी दी कि सभी 38 घायलों को पास के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम घायलों की जान बचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है, लेकिन मौतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सेना प्रमुख ने बताया ‘आतंकी कृत्य’: कुख्यात ‘इवान मोर्दिस्को’ गिरोह पर शक
कोलंबिया के सेना प्रमुख और सशस्त्र बलों के कमांडर जनरल ह्यूगो लोपेज ने एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने इसे स्पष्ट रूप से एक “आतंकी हमला” करार दिया है। जनरल लोपेज ने इस हमले के पीछे कुख्यात अपराधी ‘इवान मोर्दिस्को’ के गिरोह और ‘जैमी मार्टिनेज’ गुट का हाथ होने की प्रबल संभावना जताई है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने और सरकार पर दबाव बनाने के लिए ये गिरोह अक्सर निर्दोष नागरिकों को ढाल बनाते हैं। हमले के बाद पूरे इलाके में अलर्ट जारी कर दिया गया है और संदिग्धों की तलाश में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
शांति समझौते को ठुकराने वाले विद्रोही गुटों का आतंक
कोलंबिया में सक्रिय ये दोनों हिंसक गुट असल में ‘रिवॉल्यूशनरी आर्म्ड फोर्सेज ऑफ कोलंबिया’ (FARC) के वे असंतुष्ट धड़े हैं, जिन्होंने 2016 में सरकार के साथ हुए ऐतिहासिक शांति समझौते को मानने से इनकार कर दिया था। ये गुट अब भी हथियारबंद संघर्ष और मादक पदार्थों की तस्करी के जरिए अपनी समानांतर सत्ता चलाने की कोशिश कर रहे हैं। विशेष रूप से दक्षिण-पश्चिमी कोलंबिया में इन विद्रोहियों और ड्रग तस्करों के बीच वर्चस्व की जंग ने आम नागरिकों का जीना दूभर कर दिया है। ये विद्रोही समूह सार्वजनिक ढांचे और परिवहन व्यवस्था को निशाना बनाकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहते हैं।
राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो की कड़ी निंदा: 48 घंटों में 26 हिंसक वारदातें
कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने इस हमले पर गहरा दुख और क्रोध व्यक्त किया है। उन्होंने हमलावरों को “आतंकवादी, फासीवादी और मादक पदार्थ तस्कर” बताते हुए कहा कि निर्दोष आदिवासियों और नागरिकों की हत्या करने वाले किसी भी रियायत के हकदार नहीं हैं। यह हमला कोलंबिया में बढ़ती अस्थिरता का संकेत है, क्योंकि पिछले मात्र दो दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिमी कोलंबिया में कम से कम 26 हिंसक घटनाएं दर्ज की गई हैं। सार्वजनिक संपत्ति और आम लोगों को निशाना बनाकर किए जा रहे इन लगातार विस्फोटों ने देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार ने अब इन विद्रोही समूहों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और तेज करने के संकेत दिए हैं।









