मध्यप्रदेश में ठंड का कहर, पारा 4.6 डिग्री तक गिरा, कोल्ड वेव और कोहरे का असर: 20 बाद मावठा गिरने की संभावना

भोपाल  मध्य प्रदेश में इस वक्त ठंड अपने चरम पर है. उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने पूरे प्रदेश को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है. हालात ऐसे हैं कि कई जिलों में न्यूनतम तापमान गिरकर 4.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. सुबह और रात के समय ठंड इतनी तेज है कि लोग घरों से निकलने में भी हिचक रहे हैं. शाजापुर में चला कोल्ड वेव का जोर शाजापुर में ठंड का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला. यहां कोल्ड वेव की स्थिति बनी रही. तेज ठंडी हवाओं के चलते लोगों को अलाव और गर्म कपड़ों का

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Published On :

जनवरी 16, 2026

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भोपाल
 मध्य प्रदेश में इस वक्त ठंड अपने चरम पर है. उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने पूरे प्रदेश को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है. हालात ऐसे हैं कि कई जिलों में न्यूनतम तापमान गिरकर 4.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. सुबह और रात के समय ठंड इतनी तेज है कि लोग घरों से निकलने में भी हिचक रहे हैं.

शाजापुर में चला कोल्ड वेव का जोर
शाजापुर में ठंड का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला. यहां कोल्ड वेव की स्थिति बनी रही. तेज ठंडी हवाओं के चलते लोगों को अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा. सुबह-सुबह सड़कों पर सन्नाटा और गलियों में कोहरा साफ नजर आया.
सुबह होते ही छा गया घना कोहरा
आज सुबह मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्से में कोहरे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं. खासतौर पर ग्वालियर-चंबल, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में घना कोहरा छाया रहा. कई इलाकों में विजिबिलिटी इतनी कम हो गई कि वाहन चालकों को लाइट जलाकर गाड़ी चलानी पड़ी.

गुरुवार की रात शहडोल का कल्याणपुर प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री दर्ज किया गया। शाजापुर, कटनी के करौंदी और मंदसौर में तापमान 4.7 से 4.8 डिग्री के बीच रहा। राजगढ़ में 5.5 डिग्री, रीवा में 6.2 डिग्री, दतिया में 6.6 डिग्री और पचमढ़ी में 6.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। उमरिया, नौगांव, मंडला, खजुराहो, सतना, दमोह, सीधी, रायसेन, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, मलाजखंड और रतलाम में भी न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा। प्रदेश के पांच बड़े शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में भी पारा फिर 10 डिग्री से नीचे आ गया। भोपाल में 8 डिग्री, ग्वालियर में 7.4 डिग्री, उज्जैन में 9 डिग्री और जबलपुर में 9.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

कोहरे से जनजीवन प्रभावित

शुक्रवार सुबह ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में घना कोहरा छाया रहा। इसके अलावा भोपाल, गुना, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, रतलाम, जबलपुर, सागर, शाजापुर, सीहोर और रायसेन समेत कई जिलों में मध्यम कोहरा देखा गया। इससे पहले गुरुवार को ग्वालियर में विजिबिलिटी घटकर करीब 1000 मीटर रह गई थी। कोहरे के कारण दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं।

कोहरे से जनजीवन प्रभावित

शुक्रवार सुबह ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में घना कोहरा छाया रहा। इसके अलावा भोपाल, गुना, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, रतलाम, जबलपुर, सागर, शाजापुर, सीहोर और रायसेन समेत कई जिलों में मध्यम कोहरा देखा गया। इससे पहले गुरुवार को ग्वालियर में विजिबिलिटी घटकर करीब 1000 मीटर रह गई थी। कोहरे के कारण दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं।

उत्तर भारत में जारी कड़ाके की ठंड का असर शाजापुर में भी देखने को मिल रहा है. यहां पर भी सर्द हवाओं ने जनजीवन को खासा प्रभावित कर रखा है. बीते कुछ दिनों में राहत के बाद एक बार फिर से ठंड अपना असर दिख रही है. बीती रात भी यहां पर तापमान 7.7 डिग्री दर्ज किया गया. वहीं सुबह घना कोहरा देखने को मिला, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. मौसम विभाग की माने तो आने वाले दिनों में तापमान में बढ़ोतरी तो होगी, लेकिन घने कोहरे की मार अभी और झेलना होगी.

टीकमगढ़ जिले में भी अब सुखी ठंड ने लोगों को परेशानियों में डाल दिया, जिससे लोग बेहद परेशान है. हाड़ कपाने वाली सुखी ठंड कुहरा, बर्फवारी और शीतलहर वाली ठण्ड से कही ज्यादा खतरनाक होती है. इससे शरीर मे अकड़न होती हाथ पैर सुन्न होते और पूरा शरीर अकड़ने लगता है. जिससे किसानों और ग्रामीणों को खेतो पर जाने में दिक्क़त होती है. हालांकि 

बुंदेलखंड में ठंडक और शीतलहर मुख्य रूप से पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण होती है.मखासकर जब पहाड़ों पर बर्फबारी होती है; साथ ही, क्षेत्र की ग्रेनाइट चट्टानों और पथरीली मिट्टी के कारण गर्मी और सर्दी दोनों का असर तीव्र होता है, जिससे मौसम में अचानक बदलाव महसूस होता है और रात-सुबह घना कोहरा छा जाता है, जिससे जनजीवन प्रभावित होता है. 

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