Student protest: ‘दिल्ली समझौते के बाद भी युवाओं पर अत्याचार…’ असम, बंगाल और बिहार में ताबड़तोड़ गिरफ्तारियों पर भड़की कॉकरोच जनता पार्टी

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया है कि असम, बंगाल और बिहार में पुलिस प्रदर्शनकारी छात्रों को निशाना बना रही है। सरकार द्वारा दिए गए भरोसे और दिल्ली समझौते का हवाला देते हुए CJP ने हिरासत में लिए गए सभी युवाओं को तुरंत रिहा करने और एफआईआर वापस लेने की मांग की है, चेतावनी दी है कि ऐसा न होने पर कड़े कदम उठाए जाएंगे।

Student protest

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 27, 2026

Student protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि असम, पश्चिम बंगाल और बिहार जैसे राज्यों में सरकारी एजेंसियां लगातार छात्रों और प्रदर्शनकारियों को निशाना बना रही हैं। उन्हें मनमाने ढंग से हिरासत में लिया जा रहा है और गिरफ्तारियां की जा रही हैं। इस स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए सीजेपी के प्रतिनिधि सौरभ दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक आधिकारिक बयान जारी किया है। बयान में स्पष्ट किया गया है कि देशव्यापी विरोध-प्रदर्शनों को तभी वापस लिया गया था जब भारत सरकार के शीर्ष नेतृत्व ने यह स्पष्ट भरोसा दिलाया था कि बीजेपी या एनडीए शासित किसी भी राज्य में वर्तमान या भविष्य में किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। ऐसे में विभिन्न राज्यों से आ रही धरपकड़ की खबरें बेहद चिंताजनक और समझौते के खिलाफ हैं।

छात्रों को हरसंभव मदद दिलाने का दिया भरोसा

सरकार के रुख पर सवाल उठाते हुए सीजेपी ने दो टूक कहा है कि वे देश भर के हर प्रदर्शनकारी छात्र के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। संगठन की कानूनी टीम देश के बेहतरीन वकीलों के साथ मिलकर हिरासत में लिए गए युवाओं की रिहाई और कानूनी सहायता सुनिश्चित करने के लिए पहले दिन से ही सक्रिय रूप से काम कर रही है। इसके साथ ही सीजेपी ने भारत सरकार, विशेष रूप से जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह से जोरदार अपील की है कि वे दिए गए भरोसे का तुरंत सम्मान करें। संगठन ने मांग की है कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों को बिना किसी शर्त के तुरंत रिहा किया जाए और देश में कहीं भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज की गई सभी पुलिस एफआईआर (FIR) को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।

“सरकार ने लिखित गारंटी देने का किया था वादा”

सीजेपी ने केंद्र सरकार को याद दिलाते हुए कहा कि आंदोलन खत्म करने का उनका फैसला पूरी तरह से इस नेक नीयत और भरोसे पर आधारित था कि सरकार अपनी बात पर पूरी तरह कायम रहेगी। संगठन ने चेताया कि उस वादे और भरोसे से पीछे हटना न केवल कॉकरोच जनता पार्टी के साथ विश्वासघात होगा, बल्कि उन लाखों युवा भारतीयों के भरोसे को भी चकनाचूर करना होगा जिन्होंने विरोध-प्रदर्शन के कठिन रास्ते को छोड़कर बातचीत और समझौते के विकल्प को चुना था। युवाओं के लिए इस तरह का विश्वासघात कतई स्वीकार्य नहीं किया जा सकता। सरकार को यह समझना होगा कि उसकी साख और विश्वसनीयता केवल कोरे वादे करने से नहीं, बल्कि समय पर उन वादों को जमीन पर उतारकर पूरा करने से बनती है।

सरकार और एनडीए शासित राज्यों को दी चेतावनी

देश के युवाओं और छात्रों से संयम बरतने की अपील करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा है कि वे पूरी तरह से उनके साथ हैं और संगठन पल-पल के हालात पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है। CJP ने उम्मीद जताई है कि भारत सरकार और सभी बीजेपी तथा एनडीए शासित राज्य सरकारें मौजूदा संवेदनशीलता को समझते हुए पूरी जिम्मेदारी और नेक नीयत से काम करेंगी। संगठन ने अंतिम चेतावनी देते हुए मांग की है कि हिरासत में लिए गए या गिरफ्तार किए गए सभी लोगों को हर हाल में जल्द से जल्द रिहा किया जाए और सभी मुकदमे वापस लिए जाएं। यदि ऐसा नहीं होता है, तो कॉकरोच जनता पार्टी देशहित और छात्रों के हक में अगला जरूरी कदम उठाने के लिए बाध्य होगी।