CNG Price Hike: देश की राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में रहने वाले आम आदमी की जेब पर महंगाई का एक नया बोझ बढ़ गया है। शुक्रवार सुबह पेट्रोलियम कंपनियों ने ईंधन की कीमतों में संशोधन करते हुए सीएनजी (CNG) के दामों में इजाफा कर दिया है। ताजा जानकारी के अनुसार, दिल्ली में सीएनजी की कीमतों में ₹2 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई है। इस फैसले के बाद ऑटो, कैब और निजी सीएनजी वाहनों का परिचालन महंगा हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि सीएनजी के दाम बढ़ने से न केवल परिवहन लागत बढ़ेगी, बल्कि इसका सीधा असर माल ढुलाई पर भी पड़ेगा, जिससे फल और सब्जियों जैसी रोजमर्रा की जरूरतों की चीजें महंगी हो सकती हैं।
ईरान-इजरायल संघर्ष का वैश्विक असर: क्यों बढ़ रहे हैं ईंधन के दाम?
ईंधन की कीमतों में अचानक आए इस उछाल के पीछे वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव को मुख्य कारण माना जा रहा है। विशेष रूप से ईरान और मध्य पूर्व के अन्य हिस्सों में जारी संघर्ष के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता के चलते भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों को अपनी इनपुट लागत (Input Cost) के प्रबंधन में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। यही वजह है कि तेल विपणन कंपनियों ने बढ़ती लागत का कुछ हिस्सा अब उपभोक्ताओं पर डालने का निर्णय लिया है। सरकार और तेल कंपनियों के लिए लंबे समय तक कीमतों को स्थिर रखना आर्थिक रूप से कठिन होता जा रहा था।
मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में भी बढ़ी कीमतें: ₹84 प्रति किलो तक पहुंचा रेट
दिल्ली से पहले आर्थिक राजधानी मुंबई और उससे सटे क्षेत्रों में भी उपभोक्ताओं को इसी तरह का झटका लगा। गुरुवार को महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में सीएनजी की कीमतों में ₹2 प्रति किलो की वृद्धि की घोषणा की थी। यह नई दरें मुंबई के साथ-साथ ठाणे और नवी मुंबई में भी तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। इस बढ़ोत्तरी के बाद मुंबई में सीएनजी का भाव ₹82 से बढ़कर ₹84 प्रति किलोग्राम हो गया है। मुंबई जैसे शहर में, जहाँ बड़ी संख्या में लोग सार्वजनिक परिवहन और टैक्सी सेवाओं के लिए सीएनजी पर निर्भर हैं, वहाँ इस वृद्धि से लाखों वाहन मालिकों का मासिक बजट बिगड़ना तय है।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹3 का बड़ा इजाफा: दिल्ली में नई दरें लागू
एक लंबे अंतराल और करीब 11 हफ्तों की स्थिरता के बाद, शुक्रवार को देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी जोरदार उछाल देखने को मिला। तेल कंपनियों ने देशभर में ईंधन की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर तक की वृद्धि की है। इस बदलाव के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत जो पहले ₹94.77 प्रति लीटर थी, अब बढ़कर ₹97.77 प्रति लीटर हो गई है। इसी तरह डीजल की कीमतों में भी वृद्धि दर्ज की गई है, जहाँ अब यह ₹89.67 के मुकाबले ₹90.67 प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। उद्योग जगत के सूत्रों का कहना है कि परिचालन लागत इतनी अधिक बढ़ गई थी कि इसे और अधिक समय तक ग्राहकों से बचा पाना संभव नहीं था।
आम आदमी की थाली पर पड़ेगा असर: परिवहन और लॉजिस्टिक्स होंगे महंगे
पेट्रोल, डीजल और सीएनजी—इन तीनों प्रमुख ईंधनों की कीमतों में एक साथ हुई इस वृद्धि का व्यापक सामाजिक और आर्थिक प्रभाव देखने को मिलेगा। चूंकि भारत में अधिकांश माल ढुलाई डीजल पर चलने वाले ट्रकों के माध्यम से होती है, इसलिए डीजल का महंगा होना सीधे तौर पर महंगाई दर (Inflation Rate) को बढ़ावा देता है। वहीं, सीएनजी के दाम बढ़ने से शहरों के भीतर लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी सेवाएं महंगी हो जाएंगी। मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह दोहरी मार है, जहाँ एक ओर यात्रा का खर्च बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर बाजार में उपलब्ध सामानों की कीमतों में भी उछाल आने की पूरी संभावना है। आने वाले दिनों में सार्वजनिक परिवहन संघों द्वारा किराए में बढ़ोतरी की मांग भी उठ सकती है।
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