CNG Price Hike: CNG की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी, जानिए आपके शहर में नया रेट

दिल्ली-NCR समेत देश के कई शहरों में सीएनजी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, जिससे आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। तीन दिनों में कई बार रेट बढ़ने से ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ गया है और लोग जानना चाहते हैं कि आखिर सीएनजी इतनी तेजी से क्यों महंगी हो रही है।

CNG की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

मई 17, 2026

CNG Price Hike: देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के NCR क्षेत्र में सीएनजी उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। हाल ही में सीएनजी की कीमतों में प्रति किलो 1 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले भी गैस कंपनियों ने दरों में 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की थी। इस तरह सिर्फ तीन दिनों के भीतर कुल मिलाकर सीएनजी 3 रुपये प्रति किलो महंगी हो चुकी है। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली और एनसीआर के कई शहरों में ईंधन के दामों में लगातार दबाव देखा जा रहा है, जिससे वाहन चालकों और आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है।

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प्रमुख शहरों में नए सीएनजी रेट

नई दरों के अनुसार अब दिल्ली में सीएनजी की कीमत बढ़कर लगभग ₹80.09 प्रति किलो हो गई है। वहीं, नोएडा और गाजियाबाद जैसे शहरों में यह दर लगभग ₹88.70 प्रति किलो तक पहुंच गई है मुंबई जैसे बड़े शहर में सीएनजी की कीमत लगभग ₹84 प्रति किलो दर्ज की गई है। इसके अलावा NCR और आसपास के अन्य शहरों जैसे गुरुग्राम, मेरठ, मुजफ्फरनगर, करनाल, कानपुर, अजमेर, हापुड़ और अन्य क्षेत्रों में भी अलग-अलग दरें लागू की गई हैं, जो लगभग ₹84 से ₹91 प्रति किलो के बीच बनी हुई हैं।

कानपुर और आसपास के कुछ जिलों में सीएनजी की कीमत ₹91.42 प्रति किलो तक पहुंच गई है, जिससे वहां उपभोक्ताओं पर अधिक असर देखने को मिल रहा है।

PNG और घरेलू गैस की कीमतें स्थिर

PNG और घरेलू गैस की कीमतें स्थिर
PNG और घरेलू गैस की कीमतें स्थिर

जहां सीएनजी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, वहीं पाइपलाइन के जरिए घरों तक पहुंचने वाली प्राकृतिक गैस यानी PNG और घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं को कुछ राहत जरूर मिली है।

कीमतों में बढ़ोतरी की वजह क्या है?

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत अपनी प्राकृतिक गैस की जरूरतों का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात के माध्यम से पूरा करता है। हाल के समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपूर्ति बाधित होने और मांग बढ़ने के कारण गैस की लागत में वृद्धि हुई है। इसके अलावा भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई चेन पर असर पड़ने से भी गैस की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। इसी वजह से गैस कंपनियों के लिए उत्पादन और खरीद लागत बढ़ गई है।

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कंपनियों का तर्क और आगे की स्थिति

गैस सप्लाई करने वाली कंपनियों का कहना है कि लागत बढ़ने के कारण कीमतों में बढ़ोतरी जरूरी हो गई है। अगर दरें नहीं बढ़ाई गईं तो कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसी वजह से यह बढ़ा हुआ खर्च अब सीधे उपभोक्ताओं पर डाला जा रहा है।

दिल्ली-एनसीआर में इंडियन गैस लिमिटेड (IGL) और महाराष्ट्र में MGL जैसी कंपनियां सीएनजी और PNG की आपूर्ति करती हैं। फिलहाल उपभोक्ताओं को आने वाले समय में कीमतों में और बदलाव की संभावना से भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।