UP News: योगी सरकार ने युवाओं को दिए नौकरी के ऑफर लेटर, कारोबारियों को लाखों की मदद

UP News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलग-अलग योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता दी। शनिवार को लोक भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने युवाओं को नौकरी के ऑफर लेटर, कारोबारियों को ऋण स्वीकृति के चेक और जरूरतमंदों को टूलकिट बांटी। इस दौरान लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। किसी को नौकरी मिली तो किसी को अपना कारोबार बढ़ाने के लिए आर्थिक मदद मिली। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने प्रदेश सरकार की योजनाओं, रोजगार के अवसरों और पारदर्शी व्यवस्था की सराहना की।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

नवम्बर 1, 2026

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UP News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलग-अलग योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता दी। शनिवार को लोक भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने युवाओं को नौकरी के ऑफर लेटर, कारोबारियों को ऋण स्वीकृति के चेक और जरूरतमंदों को टूलकिट बांटी।

इस दौरान लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। किसी को नौकरी मिली तो किसी को अपना कारोबार बढ़ाने के लिए आर्थिक मदद मिली। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने प्रदेश सरकार की योजनाओं, रोजगार के अवसरों और पारदर्शी व्यवस्था की सराहना की। साथ ही कई लाभार्थियों ने कानून-व्यवस्था में हुए बदलाव को कारोबार और रोजगार के लिए बेहतर बताया।

युवाओं को मिला रोजगार, नौकरी के ऑफर लेटर पाकर खिले चेहरे

कार्यक्रम में कई युवाओं को प्रशिक्षण के बाद नौकरी का अवसर मिला। लखीमपुर खीरी की नेहा यादव को हरियाणा की एक प्लास्टिक प्रोसेसिंग इंजीनियरिंग कंपनी में नौकरी का प्रस्ताव दिया गया। मुख्यमंत्री के हाथों ऑफर लेटर मिलने पर उन्होंने खुशी जताई। वहीं, हरदोई की आकांक्षा तिवारी ने लखनऊ स्थित सिपेट से प्रशिक्षण हासिल किया था। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें हरियाणा की एक कंपनी में नौकरी मिली। उन्होंने इसे अपनी जिंदगी की पहली बड़ी उपलब्धि बताया। सीतापुर के विनय कुमार वर्मा ने भी बताया कि चार महीने का निशुल्क प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें नौकरी का मौका मिला है। युवाओं का कहना था कि कौशल प्रशिक्षण से उन्हें रोजगार पाने में मदद मिली है।

MSME योजना से कारोबारियों को मिली 20 लाख रुपये की मदद

कार्यक्रम में सुल्तानपुर के अजीत साहू को एमएसएमई योजना के तहत राइस मिल निर्माण और कारोबार के लिए 20 लाख रुपये का चेक दिया गया। उन्होंने बताया कि इस आर्थिक सहायता से अपनी कारोबारी इकाई को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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अजीत साहू ने कहा कि पहले कारोबारियों को माफियाओं की वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ता था और उनसे पैसों की मांग की जाती थी। उनके मुताबिक, प्रदेश में कानून-व्यवस्था बेहतर होने से अब कारोबार का माहौल बदला है। इससे छोटे और बड़े व्यापारियों को अपना व्यवसाय बढ़ाने का मौका मिल रहा है।

एल्युमिनियम कारोबार के लिए अमन अग्रवाल को मिले पांच लाख रुपये

लखनऊ के अमन अग्रवाल को एल्युमिनियम के बर्तन बनाने के कारोबार के लिए पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। वह कृष्णा मेटल इंडस्ट्रीज लिमिटेड में पार्टनर हैं। उन्होंने बताया कि सरकारी योजना के तहत आवेदन करने के बाद सहायता की रकम सीधे उनके बैंक खाते में पहुंच गई।अमन अग्रवाल के मुताबिक, पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रही और उन्हें सरकारी योजना का लाभ लेने में कोई परेशानी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि इस तरह की आर्थिक मदद से कारोबार को विस्तार देने के साथ नए अवसर भी तैयार किए जा सकते हैं।

महिलाओं को सिलाई मशीन और टूलकिट, स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा

कार्यक्रम में रायबरेली के दिलीप कुमार को फर्नीचर उद्योग के लिए टूलकिट दी गई। उन्होंने बताया कि वह करीब 12 साल से इस काम से जुड़े हैं। प्रशिक्षण के बाद मिली किट से उन्हें अपना काम आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।वहीं, बाराबंकी की संगीता को सिलाई मशीन की किट दी गई। उन्होंने बताया कि वह पहले से ही कुछ महिलाओं को रोजगार दे रही हैं। नई मशीन मिलने से उनका काम बढ़ेगा और दूसरी महिलाओं को भी रोजगार देने का मौका मिलेगा। इसके अलावा लखनऊ की अंजली गुप्ता को बूटिंग के काम के लिए पांच लाख रुपये का चेक दिया गया। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है।

यूपी चुनाव 2027 से पहले रोजगार और स्वरोजगार बन सकते हैं बड़े मुद्दे

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले रोजगार, युवाओं का भविष्य और स्वरोजगार जैसे मुद्दे राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ सकते हैं। सरकार नौकरी, कौशल प्रशिक्षण और कारोबारियों को आर्थिक सहायता देने वाली योजनाओं के जरिए अपने कामकाज को सामने रख रही है।हालांकि, चुनाव से पहले इन योजनाओं का लाभ कितने लोगों तक पहुंचा और प्रशिक्षण के बाद युवाओं को कितनी स्थायी नौकरियां मिलीं, इस पर भी सवाल उठ सकते हैं। महिलाओं को रोजगार, छोटे कारोबारियों को आर्थिक मदद और युवाओं को नौकरी देने जैसे मुद्दे आगामी चुनाव में अहम भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे में सरकार की योजनाओं का जमीन पर असर और रोजगार के अवसरों की स्थिति राजनीतिक बहस का बड़ा हिस्सा बन सकती है।

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