UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रशासन की असली सफलता तभी मानी जाती है, जब उसकी वजह से आम लोगों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आए। सरकारी योजनाएं बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि उनका फायदा समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचना भी जरूरी है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर साधना शृंखला-2026 की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि लोक सेवक जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
संवेदनशील और जवाबदेह प्रशासन से आम लोगों को मिलता है लाभ

बताते चले कि, सीएम योगी ने अपनी पोस्ट में कहा कि जब प्रशासनिक व्यवस्था कुशल, संवेदनशील और जवाबदेह होती है, तभी सरकार की योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचता है। प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी केवल सरकारी आदेशों को लागू करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि योजनाओं का फायदा सही लोगों को मिले। उन्होंने कहा कि सुशासन का असली मकसद जनता की भलाई करना है। जब प्रशासन जनता की जरूरतों को समझकर काम करता है, तभी सरकार की नीतियां जमीन पर असर दिखाती हैं।
2017 से पहले की सरकारों पर सीएम योगी ने लगाए आरोप
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 से पहले की उत्तर प्रदेश सरकारों की कार्यशैली पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में परिवारवाद, तुष्टीकरण और भ्रष्टाचार को प्राथमिकता देने के कारण प्रदेश की प्रशासनिक कार्यक्षमता और काम करने के तरीके पर बुरा असर पड़ा था। सीएम योगी के मुताबिक, अपराध, माफियाराज और नीतिगत उदासीनता जैसी समस्याओं ने उत्तर प्रदेश की विकास क्षमता को प्रभावित किया था। उन्होंने कहा कि इन हालात के कारण प्रदेश की पहचान और संभावनाओं पर भी असर पड़ा।
मिशन कर्मयोगी से प्रशासनिक व्यवस्था को नई दिशा
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र और प्रदेश की डबल इंजन सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है। मिशन कर्मयोगी जैसी पहल के जरिए सरकारी कर्मचारियों की कार्यक्षमता, कौशल और जिम्मेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अपनी पुरानी बीमारू छवि से बाहर निकलकर विकास की नई दिशा में कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने प्रदेश में प्रशासनिक, आर्थिक और संस्थागत व्यवस्था में बदलाव को भी महत्वपूर्ण बताया।
साधना शृंखला-2026 में 8 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों की भागीदारी

मुख्यमंत्री ने बताया कि इसी बदलाव को आगे बढ़ाने के लिए राजधानी लखनऊ में दो दिवसीय क्षेत्रीय साधना शृंखला-2026 का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में होना है। इसमें आठ राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इस कार्यक्रम के जरिए प्रशासनिक कामकाज को बेहतर बनाने, अधिकारियों की क्षमता बढ़ाने और सुशासन से जुड़े अनुभव साझा करने पर जोर रहेगा।
‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ पर सरकार का जोर
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ की सोच के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसका मकसद प्रशासनिक प्रक्रियाओं को बेहतर बनाना और सरकारी सेवाओं को जनता तक आसानी से पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अंत्योदय के संकल्प को पूरा करते हुए विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने साधना शृंखला-2026 की सफलता की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि इस तरह की पहल से प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनेगी।










