Lakhimpur Kheri CM Yogi : लखीमपुर खीरी में गरजे योगी, मियांपुर बना रविंद्रनगर, बोले- अब माफियाओं का हिसाब होगा पूरा

लखीमपुर खीरी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मियांपुर का नाम बदलकर 'रविंद्रनगर' करने का ऐतिहासिक ऐलान किया है। इस दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था पर सख्त तेवर दिखाते हुए माफियाओं को अंतिम चेतावनी दे दी। क्या योगी का यह "मिट्टी में मिला देने वाला" बयान यूपी में अपराधियों के साम्राज्य को पूरी तरह ध्वस्त कर देगा?

Lakhimpur Kheri CM Yogi

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 11, 2026

Lakhimpur Kheri CM Yogi :  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखीमपुर-खीरी में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए जिले की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया। सीएम योगी ने घोषणा की कि खीरी जिले के मियांपुर गांव का नाम बदलकर अब रविंद्रनगर कर दिया गया है। पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती शासनकाल में तुष्टिकरण की राजनीति के चलते गांवों की असली पहचान छिपाई गई। उन्होंने तर्क दिया कि जिस गांव में कोई ‘मियां’ रहता ही नहीं था, उसका नाम जबरन मियांपुर रखा गया था। अब यह गांव अपने नए नाम रविंद्रनगर के साथ अपनी नई पहचान स्थापित करेगा।

माफियाओं को कड़ी चेतावनी: ‘मिट्टी में मिलने के लिए रहें तैयार’

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में एक बार फिर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराया। माफियाओं और अपराधियों को सीधे शब्दों में चेतावनी देते हुए सीएम योगी ने कहा, “उत्तर प्रदेश में माफिया मिट्टी में मिल चुके हैं। इसके बावजूद यदि कोई फिर से माफिया बनने या अपराध की राह पर चलने का प्रयास करेगा, तो वह मिट्टी में मिलने के लिए भी तैयार रहे।” उन्होंने आश्वस्त किया कि अब लखीमपुर-खीरी की ओर कोई अपराधी आंख उठाकर नहीं देख सकता। सरकार न केवल गरीबों का हक सुरक्षित रखेगी, बल्कि युवाओं के रोजगार और नौकरी पर डकैती डालने वाले तत्वों का भी सख्ती से सफाया करेगी।

सामाजिक न्याय और दलितों का सम्मान: महापुरुषों के स्मारकों का होगा कायाकल्प

ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर सीएम योगी ने सामाजिक न्याय के पुरोधाओं के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर, संत शिरोमणि रविदास और महर्षि वाल्मीकि जैसे महापुरुषों के सम्मान में विशेष धनराशि की व्यवस्था की है। उन्होंने कहा, “जहाँ भी इन महापुरुषों की मूर्तियां स्थापित हैं, यदि वहां बाउंड्री वॉल नहीं है, तो सरकार वहां दीवार बनवाने के साथ-साथ भव्य छत्र का निर्माण भी कराएगी।” सीएम ने कहा कि महाराणा प्रताप और महाराणा सांगा के वंशजों को सम्मान दिलाना और दलित-वंचित समाज को मुख्यधारा से जोड़ना डबल इंजन सरकार का प्रमुख दायित्व है।

विकास का नया मॉडल: ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ से ‘वन मेडिकल कॉलेज’ तक

यूपी की बदलती तस्वीर का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का नौजवान अब पहचान के संकट से बाहर निकल चुका है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि पहले की सरकारों में ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ और गुंडों का बोलबाला था, लेकिन आज उत्तर प्रदेश ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’ की दिशा में बढ़ रहा है। लखीमपुर-खीरी में भी अब अपना मेडिकल कॉलेज है। उन्होंने ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ODOP) की सफलता का उदाहरण देते हुए थारू जनजाति के उत्पादों की सराहना की। साथ ही, उन्होंने घोषणा की कि सरकार अब ‘एक जिला-एक व्यंजन’ योजना पर काम कर रही है, ताकि स्थानीय खान-पान को वैश्विक ब्रांड के रूप में पहचान दिलाई जा सके।

किसान कल्याण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती

मुख्यमंत्री ने लखीमपुर-खीरी की उर्वरा शक्ति और भौगोलिक महत्ता को रेखांकित करते हुए किसानों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र के व्यंजनों और कृषि उत्पादों को इस तरह विकसित करें कि उनकी महक पूरे देश में फैले। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) के लाभों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार की संवेदना किसानों के साथ है। ट्यूबवेल के मुफ्त कनेक्शन और बिजली बिल माफी जैसे कदम इसी संवेदनशीलता का परिणाम हैं। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश अब उस विकास की ओर बढ़ रहा है, जिसकी अभिलाषा यहाँ की जनता को दशकों से थी।

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