CM Yogi Lucknow Padyatra: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ मंगलवार को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर राजनीतिक गरमाहट का केंद्र बनी रही। लोकसभा में इस अधिनियम पर विपक्ष के कड़े रुख और नकारात्मक रवैये के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने ‘जन आक्रोश महिला पद यात्रा’ निकाली। मुख्यमंत्री आवास से शुरू होकर विधानभवन तक जाने वाली इस यात्रा में हजारों की संख्या में महिलाओं ने शिरकत की और विपक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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विपक्ष पर तीखा प्रहार

पद यात्रा के दौरान भाजपा के दिग्गज नेताओं ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखे जुबानी हमले किए।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक: उन्होंने महिलाओं के बीच व्याप्त असुरक्षा और सपा के शासनकाल की याद दिलाते हुए कहा कि आज विपक्ष की वजह से ही महिलाओं को सड़कों पर उतरना पड़ा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “देख सपाई बिटिया घबराई”—यह कहावत आज चरितार्थ हो रही है।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य: मौर्य ने साफ लहजे में चेतावनी दी कि यदि महिलाओं को आरक्षण नहीं मिला, तो सपा और कांग्रेस को महिलाओं का वोट भी नहीं मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनावों में मातृशक्ति विपक्ष को कड़ा सबक सिखाएगी।
राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह: उन्होंने सदन की घटना को याद दिलाते हुए कहा कि जब अधिनियम को रोकने की कोशिश की जा रही थी, तब विपक्षी नेता खुशियां मना रहे थे और तालियां बजा रहे थे। यह महिलाओं का अपमान है जिसे देश कभी माफ नहीं करेगा।
सीएम योगी का कड़ा रुख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं इस पद यात्रा में शामिल होकर महिलाओं का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने यात्रा को रवाना करते हुए विपक्षी गठबंधन (I.N.D.I.A.) के दलों पर जमकर प्रहार किया। सीएम योगी ने कहा कि सपा, कांग्रेस, टीएमसी और डीएमके का महिला विरोधी आचरण अब जनता के सामने है। लखनऊ का यह ‘आक्रोश मार्च’ देशभर में महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए एक प्रतीक बनेगा।
यात्रा के समापन पर मुख्यमंत्री ने संबोधित करते हुए कहा कि सपा और कांग्रेस जैसे दलों का चेहरा पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है। उन्होंने कहा कि इन पार्टियों को अपनी आपराधिक छवि सुधारने का अवसर दिया गया था, लेकिन इन्होंने सदन में अपनी हरकतों से साबित कर दिया कि ये सुधारना नहीं चाहते।
विकसित भारत और आधी आबादी का संकल्प
इस जन आक्रोश मार्च के माध्यम से भाजपा ने स्पष्ट संदेश दिया है कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ केवल एक कानून नहीं बल्कि महिलाओं के सम्मान और राजनीतिक सशक्तिकरण की लड़ाई है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश का एक-एक नागरिक आज आधी आबादी की इस जायज मांग के साथ मजबूती से खड़ा है।
यह यात्रा आने वाले लोकसभा चुनावों के लिए एक शंखनाद की तरह देखी जा रही है, जहां महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को भाजपा अपना मुख्य चुनावी मुद्दा बनाने जा रही है। विधानसभा के सामने जुटी महिलाओं की भीड़ ने यह साफ कर दिया कि आरक्षण और अधिकार की इस लड़ाई में वे पीछे हटने वाली नहीं हैं।









