UP News: उत्तर प्रदेश के विभिन्न अंचलों में मूसलाधार बारिश (Heavy Rain in UP) और खराब मौसम के चलते बने गंभीर हालातों का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद कड़ाई से संज्ञान लिया है। प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश, आकाशीय बिजली गिरने (Lightning Strike) और बाढ़ जैसे संकटों के कारण हुई जनहानि, पशुहानि तथा संपत्तियों के भारी नुकसान पर सीएम योगी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश के सभी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को तुरंत अपने-अपने जिलों के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने तथा आपदा पीड़ितों तक हर संभव सरकारी मदद और राहत सामग्री जल्द से जल्द पहुंचाने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
24 घंटे के भीतर मुआवजे का ऐलान
बताते चले कि, आपदा पीड़ितों को त्वरित राहत पहुँचाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे भारी बारिश और वज्रपात (Lightning Hazard) से हुए कुल नुकसान का जमीनी स्तर पर सही आकलन करें। इसके बाद सभी प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के अंदर आर्थिक मुआवजा (Immediate Compensation) प्रदान किया जाए। सीएम ने हिदायत दी है कि अधिकारी लगातार जमीनी स्तर पर सक्रिय रहें, प्रभावित लोगों के संपर्क में रहें और उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न होने दें। साथ ही, आम जनता से अपील की गई है कि खराब मौसम और कड़कती बिजली के दौरान वे अनावश्यक रूप से अपने घरों से बाहर न निकलें तथा उफनती नदियों या जलाशयों के पास जाने से परहेज करें।
नदियों का जलस्तर बढ़ा और कई जिलों में रेड अलर्ट
आपको बता दे कि, मौसम विज्ञान विभाग की चेतावनियों के बीच उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख जिलों में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट (Red Alert in UP) जारी कर दिया गया है। लगातार हो रही वर्षा के कारण प्रदेश की कई प्रमुख नदियां उफान पर हैं और उनका जलस्तर खतरे के निशान (Danger Mark) को पार कर चुका है। बाढ़ और जलभराव की चपेट में आने वाले संवेदनशील इलाकों में बागपत तथा गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में हिंडन नदी, बदायूं में गंगा नदी, अयोध्या एवं बलिया में घाघरा नदी तथा कुशीनगर में गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई हैं।
आपदाओं से निपटने के लिए सरकार की फुल-प्रूफ तैयारी
इससे पहले बीते सोमवार को ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनियमित और अत्यधिक बारिश को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक (High-Level Review Meeting) की अध्यक्षता की थी। इस दौरान उन्होंने कम बारिश वाले जिलों में सूखे की आहट और अत्यधिक बारिश वाले इलाकों में संभावित बाढ़ (Flood Management) के संकट को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों और सिंचाई विभाग को पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए थे। सीएम योगी ने दोटूक शब्दों में कहा कि चाहे बाढ़ का प्रकोप हो या सूखे की स्थिति, राज्य के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा, किसानों की फसलों का संरक्षण और आम जनता की आजीविका की रक्षा करना उत्तर प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सिंचाई व्यवस्था और जिलोंवार अलर्ट
किसानों की फसलों को बचाने के लिए मुख्यमंत्री ने सिंचाई व्यवस्था (Irrigation System) को युद्ध स्तर पर मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कम वर्षा वाले क्षेत्रों में नहरों, तालाबों और सरकारी नलकूपों के जरिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। वर्तमान मानसूनी स्थिति को देखते हुए उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अलग-अलग चेतावनी जारी की गई है:
- रेड अलर्ट वाले जिले: बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, कासगंज, एटा, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं।
- ऑरेंज अलर्ट वाले जिले: गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, कानपुर देहात, अयोध्या, सहारनपुर, आगरा, मैनपुरी, इटावा, बिजनौर और मुरादाबाद।
- येलो अलर्ट वाले जिले: प्रयागराज, वाराणसी, जौनपुर, कानपुर नगर, लखनऊ, रायबरेली, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, झांसी और ललितपुर।










