CM बोले- अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी ने 32 साल की उम्र में तिरंगा फहराकर दी शहादत

भारत माता के महान सपूत, अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी ने 32 साल की उम्र में तिरंगा फहराकर दी थी शहादत- मुख्यमंत्री 91वें बलिदान दिवस पर झंडेवाला पार्क में सीएम योगी ने शहीद को दी श्रद्धांजलि 1935 में ब्रिटिश सरकार को चुनौती देकर फहराया था तिरंगा, गोलियों से भून कर दिया गया था वीर सेनानी गुलाब सिंह को किसान परिवार में जन्मे गुलाब सिंह लोधी ने आजादी के लिए न्योछावर कर दिया जीवन बलिदानियों के सम्मान में संस्थानों और बटालियनों का किया जा रहा नामकरण महापुरुषों की प्रतिमाओं, पार्कों और स्मारकों के लिए करीब 500 करोड़ रुपये स्वीकृत लखनऊ स्वाधीनता

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Published On :

अगस्त 23, 2026

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भारत माता के महान सपूत, अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी ने 32 साल की उम्र में तिरंगा फहराकर दी थी शहादत- मुख्यमंत्री

91वें बलिदान दिवस पर झंडेवाला पार्क में सीएम योगी ने शहीद को दी श्रद्धांजलि

1935 में ब्रिटिश सरकार को चुनौती देकर फहराया था तिरंगा, गोलियों से भून कर दिया गया था वीर सेनानी गुलाब सिंह को

किसान परिवार में जन्मे गुलाब सिंह लोधी ने आजादी के लिए न्योछावर कर दिया जीवन

बलिदानियों के सम्मान में संस्थानों और बटालियनों का किया जा रहा नामकरण

महापुरुषों की प्रतिमाओं, पार्कों और स्मारकों के लिए करीब 500 करोड़ रुपये स्वीकृत

लखनऊ
स्वाधीनता संग्राम सेनानी अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी के 91वें बलिदान दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को झंडेवाला पार्क, अमीनाबाद में उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 23 अगस्त 1935 को मात्र 32 वर्ष की उम्र में भारत माता के महान सपूत अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी ने ब्रिटिश हुकूमत को चुनौती देते हुए इसी पार्क में भारत का तिरंगा फहराया था। उस समय तिरंगा स्वाधीनता का प्रतीक था। कायर ब्रिटिश सरकार ने उनके इस साहस का जवाब गोलियों से दिया और वह देश की आजादी के लिए शहीद हो गए थे। 

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि गुलाब सिंह लोधी बलिदान हुए लेकिन आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वाधीनता का एक स्वर्णिम पृष्ठ छोड़ गए हैं। उनके बलिदान के महज 12 वर्ष बाद देश ब्रिटिश दासता से मुक्त होकर स्वतंत्र हुआ।

किसान परिवार में जन्मे, आजादी के लिए न्योछावर किया जीवन

सीएम योगी ने कहा कि इस अवसर पर प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश की जनता की ओर से वह अमर शहीद की पुण्य स्मृतियों को नमन करते हैं। गुलाब सिंह लोधी का जन्म वर्ष 1903 में उन्नाव के एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। बचपन से ही उनके भीतर देश की आजादी के लिए जज्बा था। इसी भावना के साथ उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया और लखनऊ आकर देश की स्वाधीनता के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी जी की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए प्रदेश सरकार ने उन्नाव जिले में पार्क, स्वास्थ्य केंद्र और पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय का नामकरण उनके नाम पर करते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। उत्तर प्रदेश सरकार अपने उन सभी अमर बलिदानियों के पुण्य स्मरण को जीवंत बनाये रखने के लिए प्रतिबद्ध है। 

बलिदानियों के नाम पर संस्थानों का नामकरण

भारत की आजादी के लिए 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अपने आप को बलिदान करने वाली वीरांगना अवंतीबाई लोधी जी के नाम पर अलीगढ़ में स्टेडियम का नामकरण और बदायूं में पीएसी की नई बटालियन का नामकरण किया गया है। लखनऊ में पीएसी की महिला बटालियन का नाम वीरांगना ऊदा देवी पासी के नाम पर रखा गया है। इसी तरह गोरखपुर में नवस्थापित पीएसी महिला बटालियन का नाम वीरांगना झलकारी बाई कोरी के नाम पर तथा औरैया में नए मेडिकल कॉलेज का नाम लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के नाम पर किया गया है। इन सभी महापुरुषों और वीरांगनाओं ने भारत की स्वतंत्रता और सम्मान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया था।

महापुरुषों की स्मृतियों को संरक्षित करेगी सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी जैसे क्रांतिकारियों ने देश की आन, बान और शान को बनाए रखने के लिए अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया। उनकी स्मृतियों को जीवंत बनाए रखना वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और अमर बलदानियों की स्मृतियों को संरक्षित रखने के लिए स्मारक निर्माण के कार्यक्रम को निरंतर आगे बढ़ाएगी।

महापुरुषों के स्मारकों के लिए करीब 500 करोड़ रुपये स्वीकृत

सीएम योगी ने बताया कि हाल ही में प्रदेश सरकार ने सामाजिक न्याय और देश के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले महापुरुषों के सम्मान में करीब 500 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। इस धनराशि से बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, सद् गुरु रविदास जी महाराज, महर्षि वाल्मीकि जी महाराज समेत अन्य महापुरुषों की प्रतिमाओं पर छाजन लगाने, पार्कों के नवनिर्माण और उन्हें सुरक्षित बनाने के कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के प्रति श्रद्धा और सम्मान का यह क्रम लगातार आगे बढ़ता रहेगा।

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