बिहार में होल्डिंग टैक्स पर सीएम का बड़ा बयान, गरीबों को राहत

पटना बिहार के गांवों में रहने वाले लोगों पर टैक्स के मुद्दे पर सम्राट चौधरी सरकार ने कंफ्यूजन दूर कर दी है। सीएम ने मंगलवार को विधान परिषद में ऐलान किया कि गांवों में गरीब लोगों से टैक्स नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पर किसी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए। कचरा प्रबंधन और नलजल योजना में 30 रुपये महीना राशि लेने का प्रावधान पहले से ही है। साथ ही, होडिंग पर भी टैक्स का भी नियम पहले से बना हुआ है। सीएम ने कहा कि इसको व्यवस्थित करने के लिए पंचायती राज विभाग की नियमावली बनी है।

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Published On :

जुलाई 21, 2026

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पटना
बिहार के गांवों में रहने वाले लोगों पर टैक्स के मुद्दे पर सम्राट चौधरी सरकार ने कंफ्यूजन दूर कर दी है। सीएम ने मंगलवार को विधान परिषद में ऐलान किया कि गांवों में गरीब लोगों से टैक्स नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पर किसी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए। कचरा प्रबंधन और नलजल योजना में 30 रुपये महीना राशि लेने का प्रावधान पहले से ही है। साथ ही, होडिंग पर भी टैक्स का भी नियम पहले से बना हुआ है। सीएम ने कहा कि इसको व्यवस्थित करने के लिए पंचायती राज विभाग की नियमावली बनी है। उसमें कुछ बदलाव भी किए गए हैं, लेकिन गरीबों से टैक्स लेने का उसमें कोई प्रावधान नहीं किया गया है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मॉनसून सत्र के दूसरे दिन विधान परिषद में उठाए गए एक मामले पर जवाब देते हुए यह बात कही। सीएम ने यह भी कहा कि नल जल योजना के रखरखाव की जिम्मेदारी फिर से वार्ड सदस्यों को देने पर विचार किया जाएगा। पंचायती राज मंत्री और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री बैठकर इस मामले पर निर्णय लेंगे।

आरजेडी के सुनील सिंह ने सदन में उठाया मुद्दा
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुनील सिंह ने सदन में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि कैबिनेट द्वारा गांवों में गुजर-बसर करने वाले गरीबों से होल्डिंग टैक्स वसूलने का निर्णय अलोकतांत्रिक है, इस पर व्यापक रूप से विचार होना चाहिए।

इस पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खड़े होकर कहा कि सरकार की ऐसी कोई मंशा नहीं है। गरीबों से टैक्स वसूली का कोई प्रावधान नहीं है। सीएम ने कहा कि गांवों के अंदर जो होर्डिंग लगेंगे उसकी व्यवस्था है। सरकार ने एक नियम बनाया है। इसमें जरूरत के अनुसार बदलाव किया जाएगा। गरीबों पर टैक्स लगाने की बात पूरी तरह निराधार है।

गांवों में होल्डिंग टैक्स पर सम्राट कैबिनेट की मुहर
बता दें कि पिछले सप्ताह सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में पंचायती राज विभाग के होल्डिंग टैक्स के प्रस्ताव को मंजूर किया गया था। कैबिनेट ने बिहार ग्राम पंचायत (कर, दर एवं शुल्क) नियमावली, 2026 पर मुहर लगाई थी। इसके तहत गांवों में 50 से 5000 रुपये तक का होल्डिंग टैक्स लगाने का प्रावधान है।

कच्चे मकानों पर नहीं लगेगा टैक्स
नई नियमावली के तहत गांवों में अर्ध पक्के मकानों से 50 रुपये सालाना होल्डिंग टैक्स वसूला जाएगा। पक्के मकानों से 100 रुपये राशि वसूली जाएगी। हालांकि, कच्चे मकानों पर किसी तरह का टैक्स नहीं लगेगा।

पेट्रोल पंप, रसोई गैस ऐजेंसी, सिनेमा हॉल, ईंट भट्टे आदि कमर्शियल परिसरों पर 5000 रुपये होल्डिंग टैक्स लगाया जाएगा। इसके अलावा 30 रुपये सफाई शुल्क और जलापूर्ति शुल्क हर महीने 30 रुपये अलग से वसूला जाएगा।

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