सीएम हेल्पलाइन बनी समस्याओं के त्वरित समाधान का सशक्त जरिया

रायपुर राज्य सरकार द्वारा आम नागरिकों की समस्याओं के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए शुरू की गई ‘सीएम हेल्पलाइन 1076’ प्रदेशवासियों के लिए बेहद उपयोगी और प्रभावी साबित हो रही है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से वर्षों या महीनों से अटके काम अब कुछ ही दिनों में पूरे हो रहे हैं। दफ्तरों के चक्कर लगाने से मिली मुक्ति       राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम देवकट्टा के निवासी केवल राम अपने बेटे का आधार कार्ड बनवाने के लिए लंबे समय से प्रयासरत थे। कई बार संबंधित कार्यालयों के चक्कर काटने के बाद भी जब काम नहीं

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Published On :

अगस्त 10, 2026

रायपुर

राज्य सरकार द्वारा आम नागरिकों की समस्याओं के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए शुरू की गई ‘सीएम हेल्पलाइन 1076’ प्रदेशवासियों के लिए बेहद उपयोगी और प्रभावी साबित हो रही है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से वर्षों या महीनों से अटके काम अब कुछ ही दिनों में पूरे हो रहे हैं।

दफ्तरों के चक्कर लगाने से मिली मुक्ति
     
राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम देवकट्टा के निवासी केवल राम अपने बेटे का आधार कार्ड बनवाने के लिए लंबे समय से प्रयासरत थे। कई बार संबंधित कार्यालयों के चक्कर काटने के बाद भी जब काम नहीं बना, तो उन्होंने परेशान होकर सीएम हेल्पलाइन 1076 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत दर्ज होते ही एक्शन मोड में आया प्रशासन
       
सीएम हेल्पलाइन में मामला दर्ज होते ही संबंधित विभाग तुरंत हरकत में आया। जिला ई-गवर्नेंस के मार्गदर्शन में डोंगरगढ़ नगरपालिका स्थित आधार सेवा केंद्र के माध्यम से सभी आवश्यक कागजी कार्रवाई व प्रक्रिया पूरी की गई और केवल राम के बेटे का आधार कार्ड आसानी से बनकर तैयार हो गया।

लाभार्थी ने जताया शासन का आभार
     
अपनी समस्या का समयबद्ध निराकरण होने पर केवल राम ने राहत की सांस ली और खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि सीएम हेल्पलाइन की बदौलत उन्हें बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिली है। उन्होंने इस पारदर्शी और त्वरित व्यवस्था के लिए राज्य शासन व स्थानीय प्रशासन का दिल से आभार जताया।

24X7 उपलब्ध है सहायता
      
 उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली के तहत आम नागरिक टोल-फ्री नंबर 1076, वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप तथा व्हाट्सएप जैसे मल्टी-चैनल माध्यमों से 24 घंटे में कभी भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायतों की तकनीक- आधारित मॉनिटरिंग की जाती है, जिससे पारदर्शी और जवाबदेह सुशासन सुनिश्चित हो रहा है।