Uttarakhand News: उत्तराखंड में सड़कों को लेकर CM धामी सख्त, 15 अक्टूबर की मिली डेडलाइन

उत्तराखंड में मानसून और आपदा प्रबंधन को लेकर CM पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने 15 अक्टूबर तक प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य दिया। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, आपदा प्रबंधन, सत्यापन अभियान, हेल्पलाइन, स्वच्छता और ग्रामीण विकास योजनाओं को तेज करने के निर्देश दिए।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 10, 2026

Uttarakhand News: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास से प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। बैठक में उत्तराखंड मानसून, चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा, आपदा प्रबंधन, सत्यापन अभियान, जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार और गड्ढामुक्त सड़क अभियान समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आमजन की सुरक्षा और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

उत्तराखंड में मानसून को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मानसून को देखते हुए प्रदेश में आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा जाए। सभी अधिकारी अपने फोन चालू रखें और किसी भी आपात स्थिति में संपर्क से बाहर न रहें। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि भारी बारिश या किसी अन्य प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन और व्यवस्थाएं पहले से तैयार रखी जाएं, ताकि आम लोगों को परेशानी न हो।

बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों और ड्रेनेज की होगी निगरानी

CM धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के दौरान अत्यधिक बारिश से जहां भी सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, मार्ग बाधित हुए हैं या ड्रेनेज सिस्टम में समस्या आई है, उनका विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया जाए। ऐसे स्थानों को चिन्हित कर सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। मानसून समाप्त होने के बाद इन सड़कों, मार्गों और ड्रेनेज व्यवस्था की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण का काम प्राथमिकता से शुरू किया जाएगा।

15 अक्टूबर तक उत्तराखंड की सड़कें होंगी गड्ढामुक्त

मुख्यमंत्री ने गड्ढामुक्त सड़क अभियान को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट समयसीमा दी है। उन्होंने कहा कि मानसून समाप्त होते ही प्रदेशभर में सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान शुरू किया जाए। प्रत्येक जिले में विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के साथ समिति गठित की जाए और काम की नियमित निगरानी हो। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि 15 अक्टूबर तक किसी भी स्थिति में प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाए।

‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान में आएगी तेजी

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के बाद ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम को और गति दी जाए। जिन क्षेत्रों और गांवों में अभी तक शिविर नहीं लगाए गए हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर कैंप आयोजित किए जाएं। इन शिविरों के जरिए अधिक से अधिक लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ दिलाने के साथ उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।

1905 हेल्पलाइन और सत्यापन अभियान की समीक्षा के निर्देश

CM धामी ने 1905 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की नियमित समीक्षा करने को कहा। साथ ही राज्यभर में चल रहे सत्यापन अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड और अन्य सरकारी योजनाओं में यदि कोई अपात्र व्यक्ति लाभ ले रहा है तो उसका चिन्हीकरण कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंच सके।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की खराब सड़कों पर भी नजर

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ऐसी सड़कों को चिन्हित करने के निर्देश दिए, जिन्हें बने हुए पांच वर्ष पूरे हो चुके हैं और जिनकी स्थिति खराब है। अधिकारियों को इन सड़कों की स्थिति का आकलन कर डामरीकरण और सुधार के लिए कार्ययोजना बनाने को कहा गया है। जरूरत पड़ने पर संबंधित सड़कों को लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।

मुख्यमंत्री घोषणाओं के विकास कार्यों में तेजी के निर्देश

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं के तहत स्वीकृत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। जिलाधिकारियों को इन कार्यों की नियमित समीक्षा और मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि विकास कार्य समय पर पूरे हों और उनका सीधा लाभ प्रदेश की जनता तक पहुंचे।

कांवड़ यात्रा के बाद स्वच्छता और नशे के खिलाफ अभियान तेज

CM धामी ने कांवड़ यात्रा के बाद प्रदेश में स्वच्छता अभियान को और तेज करने को कहा। इसके साथ ही नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को प्रभावी बनाने तथा अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री और तस्करी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया।

कृषि, बागवानी और पशुपालन योजनाओं पर फोकस

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों से कृषि, बागवानी और पशुपालन से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाने को कहा। उन्होंने कहा कि किसानों, पशुपालकों और ग्रामीणों को समयबद्ध तरीके से योजनाओं से जोड़ा जाए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे और उत्तराखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु सहित वर्चुअल माध्यम से आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप, आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप तथा सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे।