Independence Day: 80वें स्वतंत्रता दिवस पर बड़ा बदलाव! लाल किले से पहली बार गूंजेगा ‘वंदे मातरम्’

भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस बार पहली बार लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया जाएगा। स्वतंत्रता आंदोलन से गहरे जुड़े इस गीत को समारोह में शामिल किए जाने से आयोजन का महत्व बढ़ जाएगा और राष्ट्रीय गीत फिर चर्चा में आ गया है।

Independence Day

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 10, 2026

Independence Day: देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह इस बार कई मायनों में खास होने जा रहा है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में पहली बार लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया जाएगा। हर वर्ष आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक समारोह में ‘वंदे मातरम्’ को शामिल किया जाना इस साल के कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताओं में से एक होगा।

लाल किले की प्राचीर से पहली बार होगा ‘वंदे मातरम्’ का गायन

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘वंदे मातरम्’ को लाल किले की प्राचीर से प्रस्तुत किया जाएगा। यह पहली बार होगा जब स्वतंत्रता दिवस के आधिकारिक समारोह के दौरान इस राष्ट्रीय गीत का गायन इस ऐतिहासिक स्थल से किया जाएगा। इससे समारोह में देशभक्ति और राष्ट्रीय चेतना से जुड़ा एक नया आयाम जुड़ने की उम्मीद है।

स्वतंत्रता आंदोलन से गहरा जुड़ा है ‘वंदे मातरम्’

‘वंदे मातरम्’ का भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से गहरा ऐतिहासिक संबंध रहा है। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की रचना से निकला यह गीत आजादी की लड़ाई के दौरान देशवासियों में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय चेतना जगाने का महत्वपूर्ण माध्यम बना। स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में इस गीत ने लोगों को एकजुट करने और देश के लिए संघर्ष की भावना को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी।

‘जन गण मन’ राष्ट्रगान, ‘वंदे मातरम्’ राष्ट्रीय गीत

भारत में ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रीय गीत का दर्जा प्राप्त है, जबकि ‘जन गण मन’ देश का राष्ट्रगान है। दोनों ही रचनाओं का देश के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन से महत्वपूर्ण संबंध रहा है। स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम्’ को लाल किले से प्रस्तुत किए जाने से राष्ट्रीय गीत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को भी रेखांकित किया जाएगा।

लाल किले से जुड़ेगा स्वतंत्रता दिवस समारोह का नया अध्याय

हर वर्ष 15 अगस्त को प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हैं। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ राष्ट्रगान और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस बार ‘वंदे मातरम्’ को स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल किए जाने से आयोजन में एक नया अध्याय जुड़ जाएगा। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह भारत की स्वतंत्रता यात्रा और राष्ट्रीय गीत के योगदान को याद करने का अवसर भी होगा।

‘वंदे मातरम्’ बिल को लेकर भी चर्चा तेज

हाल ही में संसद के दोनों सदनों से ‘वंदे मातरम्’ बिल पारित किए जाने का भी उल्लेख किया गया है। बिल के प्रावधानों के अनुसार, राष्ट्रगीत के गायन में जानबूझकर व्यवधान डालना या उसके अपमान को आपराधिक कृत्य माना जाएगा। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर तीन वर्ष तक की सजा का प्रावधान बताया गया है।

संविधान सभा के फैसले का भी बिल में जिक्र

बिल में 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा में डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा दिए गए बयान का भी उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया था कि ‘वंदे मातरम्’ को ‘जन गण मन’ के समान सम्मान और बराबर का दर्जा दिया जाएगा। इस संदर्भ को बिल में शामिल किए जाने से राष्ट्रीय गीत के संवैधानिक और ऐतिहासिक महत्व पर भी जोर दिया गया है।

‘वंदे मातरम्’ के सम्मान को लेकर कानूनी प्रावधान

बिल में यह भी कहा गया है कि फिलहाल ऐसा कोई विशेष कानूनी प्रावधान नहीं है, जिसके तहत ‘वंदे मातरम्’ के गायन में जानबूझकर बाधा डालने या उसके अपमान के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। प्रस्तावित कानूनी व्यवस्था के जरिए इस संबंध में स्पष्ट प्रावधान किए जाने की बात कही गई है। ऐसे में 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से ‘वंदे मातरम्’ का गायन ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व के लिहाज से खास माना जा रहा है।