
Uttarakhand News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित UPES के 24वें दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों से नवाचार, उद्यमिता और रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की। गुरुवार को विश्वविद्यालय के बिधोली परिसर में आयोजित समारोह में उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि देश के विकास में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। इस वर्ष कुल 4,795 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की जा रही हैं। इनमें 3,806 विद्यार्थी नियमित पाठ्यक्रमों से और 989 विद्यार्थी ऑनलाइन कार्यक्रमों से जुड़े हैं। समारोह में छह विद्यार्थियों को सिल्वर प्लेट पुरस्कार भी दिए गए।
नौकरी खोजने के साथ रोजगार देने पर दें ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को पूरा करने में युवा शक्ति अहम योगदान दे सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से केवल नौकरी पाने तक सीमित नहीं रहने, बल्कि स्वरोजगार और उद्यमिता के माध्यम से दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करने का आह्वान किया। धामी ने कहा कि सफलता के लिए निरंतर मेहनत, विनम्रता और सीखने की इच्छा जरूरी है। उनके अनुसार, व्यक्ति की असली पहचान उसके व्यवहार, संस्कार और मूल्यों से बनती है। युवाओं को अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज तथा देश के हित में करना चाहिए।
AI और डिजिटल तकनीक में भविष्य की संभावनाएं
धामी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, हरित ऊर्जा और डिजिटल तकनीक को भविष्य के महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और शोध को प्रोत्साहित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू की गई है। इसके अलावा, दून विश्वविद्यालय में आधुनिक शिक्षा को सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों से जोड़ने के उद्देश्य से हिंदू अध्ययन केंद्र स्थापित किया गया है। देहरादून में विज्ञान सिटी का निर्माण भी वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

पांच साल में 35 हजार से ज्यादा युवाओं को नौकरी
मुख्यमंत्री ने रोजगार के मुद्दे पर कहा कि पिछले पांच वर्षों में उत्तराखंड के 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और योग्य अभ्यर्थियों को अवसर देने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून का भी उल्लेख किया। धामी के मुताबिक, भर्ती व्यवस्था में मेहनत और योग्यता को प्राथमिकता देना सरकार के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।
युवाओं की भागीदारी और सामाजिक जागरूकता पर जोर

धामी ने एक निबंध प्रतियोगिता का भी जिक्र किया, जिसमें ढाई लाख से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लेकर विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे। उन्होंने इसे युवाओं की सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों के प्रति जागरूकता का संकेत बताया।
नशामुक्त उत्तराखंड के लिए युवाओं से अपील
मुख्यमंत्री ने देहरादून में ONGC ऑफिसर्स एसोसिएशन की ओर से आयोजित नशामुक्त उत्तराखंड वॉकथॉन को हरी झंडी दिखाई और लोगों को नशामुक्त राज्य बनाने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए सरकार, पुलिस, अभिभावकों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों को मिलकर काम करना होगा। जागरूकता के साथ परामर्श, उपचार और पुनर्वास भी जरूरी हैं। उन्होंने युवाओं को खेल, योग, व्यायाम और स्वस्थ दिनचर्या अपनाने के लिए प्रेरित किया।











