Shivraj Singh Chauhan: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का चेतावनी भरा बयान, क्लाइमेट चेंज को लेकर जागरूकता

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने क्लाइमेट चेंज को दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा कि सरकार कई कदम उठा रही है, लेकिन समाज और आम जनता को भी धरती को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी उठानी होगी। PM मोदी की पहलें भी इस दिशा में मददगार हैं।

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

फ़रवरी 19, 2026

Shivraj Singh Chauhan: केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 19 फरवरी, 2026 को नई दिल्ली में क्लाइमेट चेंज पर जोर देते हुए कहा कि यह आज दुनिया के सामने सबसे गंभीर चुनौती बन चुका है। उन्होंने कहा कि केवल सरकार ही नहीं, बल्कि समाज और आम जनता को भी इस संकट से निपटने और आने वाली पीढ़ियों के लिए धरती को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी उठानी होगी।

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क्लाइमेट चेंज: वैश्विक खतरा

मीडिया से बातचीत में मंत्री चौहान ने कहा कि दुनिया भर के कई देशों ने पहले ही मान लिया है कि क्लाइमेट चेंज के खतरों से निपटना अब अपरिहार्य हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत सरकार इस दिशा में सक्रिय कदम उठा रही है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लिए कई लक्ष्य तय किए हैं, ताकि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास सुनिश्चित किया जा सके।

सरकार की पहल और वित्तीय प्रतिबद्धता

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज का भी कर्तव्य है। इसी संदर्भ में भारत ने क्लाइमेट एक्शन पर खर्च बढ़ा दिया है। पिछले छह सालों में, क्लाइमेट एक्शन पर व्यय GDP के 3.7 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 5.6 प्रतिशत हो गया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित एक टाउनहॉल में यह आंकड़े साझा किए और बताया कि भारत सिर्फ़ अंतरराष्ट्रीय मदद का इंतजार नहीं कर रहा, बल्कि अपने संसाधनों का सक्रिय निवेश करके एनवायरनमेंटल लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में काम कर रहा है।

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PM मोदी की पहल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल में पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के बचाव के लिए कई पहलें शुरू की हैं। इनमें शामिल हैं:

  • मिशन LiFE – जीवनशैली को पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए जागरूकता और कार्रवाई
  • एक पेड़ माँ के नाम – पेड़ों के संरक्षण और वृक्षारोपण की पहल
  • अमृत सरोवर – जल संसाधनों और तालाबों के संरक्षण के लिए योजना
  • मिशन मौसम – मौसम और जलवायु सुधार की रणनीति

14 जनवरी को पोंगल से जुड़े एक इवेंट में प्रधानमंत्री ने कहा कि मिट्टी, पानी और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग करना आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ी जरूरत है।

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समाज की जिम्मेदारी

शिवराज सिंह चौहान ने जनता से भी अपील की कि वह इस मुद्दे को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि केवल सरकारी कदम पर्याप्त नहीं होंगे, बल्कि हर नागरिक को अपने स्तर पर पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास में योगदान देना होगा। यह कदम न केवल देश बल्कि वैश्विक स्तर पर भी स्थायी बदलाव ला सकते हैं।