CJP Protest: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि देश के लाखों छात्रों और युवाओं से जुड़ा है। इसलिए सभी राजनीतिक दलों को अपने राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर इस आंदोलन के समर्थन में खड़ा होना चाहिए।
मुंबई में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान ठाकरे ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी से भी इस आंदोलन का समर्थन करने की अपील की। उनका कहना था कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस विषय पर सभी विपक्षी दलों को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए।
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सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील
आपको बता दें कि, उद्धव ठाकरे ने सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने वांगचुक से आमरण अनशन समाप्त करने का आग्रह करते हुए कहा कि उनका जीवन बेहद जरूरी है और देश को उनकी जरूरत है। ठाकरे ने कहा कि किसी भी जन आंदोलन में मुद्दे की गंभीरता महत्वपूर्ण होती है, लेकिन आंदोलनकारी का स्वास्थ्य और जीवन भी उतना ही अहम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार आंदोलनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी ताकि समाधान का रास्ता निकाला जा सके।
24 दिनों से जारी है जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
आपको बता दें कि, दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का धरना पिछले 24 दिनों से जारी है। संगठन का आरोप है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार गड़बड़ियां हो रही हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
आंदोलनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। साथ ही उनकी मांग है कि मई में हुई नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक प्रकरण के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। विवाद के बाद नीट परीक्षा दोबारा आयोजित की गई थी, लेकिन आंदोलनकारी अब भी जवाबदेही तय करने की मांग पर अड़े हुए हैं।
20 जुलाई को संसद मार्च की तैयारी
कॉकरोच जनता पार्टी ने घोषणा की है कि संसद के मानसून सत्र के पहले दिन यानी 20 जुलाई को नई दिल्ली में संसद तक मार्च निकाला जाएगा। यह आंदोलन 20 जून से शुरू हुआ था, जबकि सोनम वांगचुक 28 जून को इसमें शामिल हुए और तभी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय से भोजन न लेने के कारण वांगचुक की तबीयत लगातार बिगड़ रही है। उनका रक्तचाप सामान्य से काफी कम हो गया है और अनशन शुरू होने के बाद उनका वजन भी लगभग 7.8 किलोग्राम घट चुका है। चिकित्सकों ने उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को बताया उचित
उद्धव ठाकरे ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफा मांगना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है और इसमें कोई असामान्य बात नहीं है। उनका कहना था कि जब किसी महत्वपूर्ण परीक्षा में गंभीर सवाल उठते हैं, तब जवाबदेही तय होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करनी है, तो सरकार को आंदोलनकारियों की मांगों को गंभीरता से लेना चाहिए।
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महाराष्ट्र में भी होगा समर्थन प्रदर्शन
उद्धव ठाकरे ने घोषणा की कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दिन शिवसेना (यूबीटी) महाराष्ट्र में भी प्रदर्शन कर आंदोलन के प्रति अपना समर्थन दर्ज कराएगी। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी के सांसद संसद के मानसून सत्र में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे। इसके अलावा उन्होंने जानकारी दी कि 18 जुलाई को वह नागपुर जाएंगे, जहां अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के विरोध में चल रहे ‘राम रक्षा’ आंदोलन में शामिल होकर अपना समर्थन देंगे। उनके अनुसार, जनता से जुड़े हर महत्वपूर्ण मुद्दे पर विपक्ष की जिम्मेदारी है कि वह प्रभावी तरीके से अपनी आवाज उठाए।










