CJP Parliament March: दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा बयान, पुलिस के खिलाफ याचिका पर तत्काल सुनवाई नहीं

CJP Parliament March से जुड़े मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस के खिलाफ दायर याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। अदालत की इस टिप्पणी के बाद मामले ने नया कानूनी मोड़ ले लिया है। अब आगे क्या होगा, याचिकाकर्ताओं की अगली रणनीति क्या होगी और कोर्ट ने क्या कहा, जानिए पूरी रिपोर्ट।

CJP Parliament March

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 21, 2026

CJP Parliament March: सोमवार को सीजेपी के संसद मार्च के दौरान हुई भारी पुलिसिया कार्रवाई और झड़प का बहुचर्चित मामला अब कानूनी दायरे से होते हुए सीधे दिल्ली हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट ने इस संवेदनशील मामले पर किसी भी प्रकार की तत्काल या जल्द सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया है। याचिकाकर्ता के वकील ने पुलिस प्रशासन पर बेहद गंभीर और मनमाने आरोप लगाते हुए अदालत के समक्ष इस मामले की सुनवाई आज ही किए जाने की पुरजोर मांग की थी।

अदालत की दो टूक, कहा- हमें इस विवाद में मत घसीटो

याचिका पर तुरंत सुनवाई से इनकार करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि अदालत को इस सब प्रशासनिक और राजनीतिक विवाद में न घसीटा जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस जनहित याचिका या मामले की नियमित सुनवाई तय समय यानी कल की जाएगी। याचिकाकर्ता के वकील ने मुख्य न्यायाधीश की बेंच के सामने यह दलील दी थी कि प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस द्वारा अत्यधिक और अनावश्यक बल प्रयोग किया गया है, जिसके चलते शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को भी गंभीर चोटें आई हैं।

संसद मार्च के दौरान पुलिस का लाठीचार्ज और आंसू गैस

यह पूरा घटनाक्रम तब शुरू हुआ जब सोमवार को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन हजारों की संख्या में उग्र प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन की ओर मार्च करना शुरू कर दिया था। स्थिति की नज़ाकत को भांपते हुए दंगा-रोधी साजो-सामान से लैस भारी-भरकम अर्धसैनिक बलों और पुलिस कर्मियों को रविवार रात से ही कड़ा पहरा बिठाते हुए तैनात कर दिया गया था। जैसे ही भीड़ संसद मार्ग पर आगे बढ़ी, हिंसक झड़पों के बीच पुलिस को हालात काबू करने के लिए मजबूरन आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और कड़ा लाठीचार्ज करना पड़ा।

झड़प में 118 पुलिसकर्मी जख्मी और 70 प्रदर्शनकारी हिरासत में

इस हिंसक झड़प के दौरान भीड़ में मौजूद कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव और अन्य वस्तुएं फेंकी, जिससे दोनों पक्षों के कई लोग बुरी तरह घायल हो गए। कई प्रदर्शनकारी जख्मी हुए, जबकि कई पुलिसकर्मी भी खून से लथपथ नजर आए। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस हिंसक झड़प में विशेष पुलिस आयुक्त स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों समेत 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इसके साथ ही, कानून व्यवस्था बनाए रखने के त्वरित कदम उठाते हुए पुलिस ने हिंसा में शामिल लगभग 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है, जबकि इस पूरी झड़प में करीब 60 प्रदर्शनकारी भी घायल बताए जा रहे हैं।

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