
CJP Leaders Case : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। दिल्ली पुलिस ने बुधवार को पार्टी के कुछ नेताओं और स्वतंत्र पत्रकारों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC-ST) अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
FIR में छह लोगों के नाम शामिल
मिली जानकारी के अनुसार, एफआईआर में स्वतंत्र पत्रकार रोजी और गजेंद्र सिंह के अलावा CJP के अभिजीत दीपके, सौरव दास, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह को नामजद किया गया है। यह मामला दिल्ली पुलिस के कनॉट प्लेस सब-डिवीजन के एसीपी विवेक भगत की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है।एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि एसीपी विवेक भगत के लिए अपमानजनक और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, ये आरोप हैं और मामले में संबंधित पक्षों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई और जांच के नतीजों पर नजर बनी हुई है।

जंतर-मंतर मामले में रांका और दास न्यायिक हिरासत में
इस घटनाक्रम के बीच CJP नेता आशुतोष रांका और सौरव दास को जंतर-मंतर से जुड़े एक अन्य मामले में पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। उन पर प्रतिबंध के बावजूद जंतर-मंतर में प्रवेश करने और सुरक्षा घेरा तोड़ने का आरोप है। दोनों को तिहाड़ जेल ले जाया गया है। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत अगली कार्रवाई होगी।
गिरफ्तारी के विरोध में 16 अक्टूबर को तिरंगा मार्च
सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के विरोध में CJP ने 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस में तिरंगा मार्च निकालने की घोषणा की है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट साझा कर इसकी जानकारी दी।दीपके ने समर्थकों और लोगों से शुक्रवार शाम पांच बजे कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में एकत्र होने की अपील की है। उनके मुताबिक, मार्च के दौरान राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। उन्होंने दिल्ली नहीं पहुंच पाने वाले लोगों से भी अपने-अपने शहरों में तिरंगा फहराने का आग्रह किया है।

जेल जाने की आशंका के बावजूद प्रदर्शन पर अड़े दीपके
अभिजीत दीपके ने अपनी पोस्ट में कहा कि उन्हें इस बात की चिंता नहीं है कि अपील करने के कारण उन्हें जेल जाना पड़ सकता है। उन्होंने दोहराया कि वह राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। CJP की ओर से घोषित मार्च का उद्देश्य गिरफ्तार नेताओं के समर्थन में विरोध दर्ज कराना बताया गया है।इससे पहले नागपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान दीपके ने केंद्र सरकार पर देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति पैदा करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि यदि सरकार आपातकाल लागू करना चाहती है, तो उसे इसकी आधिकारिक घोषणा करनी चाहिए। ये दीपके के राजनीतिक आरोप हैं।
INDIA गठबंधन से CJP ने स्पष्ट की अपनी स्थिति
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ INDIA गठबंधन के प्रदर्शन को लेकर सवाल पूछे जाने पर दीपके ने कहा कि CJP एक स्वतंत्र समूह है और अपनी स्वतंत्र पहचान बनाए रखेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका अर्थ INDIA गठबंधन का विरोध करना नहीं है। उनके अनुसार, दोनों समूह अलग-अलग होते हुए भी कुछ मुद्दों पर समान उद्देश्य के लिए आंदोलन कर रहे हैं।

विदेशी फंडिंग के दावों पर सबूत देने की मांग
विदेशों से हालिया विरोध प्रदर्शनों को आर्थिक मदद मिलने के दावे पर भी दीपके ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे से अनुरोध किया कि यदि उनके पास विदेशी फंडिंग से जुड़े ठोस सबूत हैं, तो उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सौंपना चाहिए। दीपके ने दावा किया कि गृह मंत्रालय इस तरह की फंडिंग साबित नहीं कर सका है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।फिलहाल CJP नेताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर, न्यायिक हिरासत और प्रस्तावित तिरंगा मार्च को लेकर घटनाक्रम पर नजर बनी हुई है। आगे की स्थिति पुलिस जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।
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