CJP Leaders Arrested : CJP नेताओं पर दिल्ली पुलिस का एक्शन, आशुतोष रांका समेत तीन की आज कोर्ट में पेशी

दिल्ली में जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में CJP नेताओं आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्या शिंदे पर पुलिस ने कार्रवाई की है। तीनों को कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने की जानकारी सामने आई है। उन पर कई आरोप हैं। अब सवाल है कि क्या उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 14, 2026

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CJP Leaders Arrested : नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़े मामले में दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्या शिंदे को प्रिवेंटिव अरेस्ट किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस तीनों को सुबह संबंधित कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने पेश करने की तैयारी कर रही है। इस कार्रवाई के बाद CJP नेताओं की मुश्किलें बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

सुबह की पेशी को लेकर कानूनी सलाहकार का अपडेट

CJP की कानूनी सलाहकार रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए गिरफ्तारी से जुड़ी जानकारी साझा की। उनके मुताबिक, सुबह 5:38 बजे मिले अपडेट में बताया गया कि आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्या शिंदे को लगभग एक घंटे के भीतर मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जा सकता है। हालांकि, पेशी और आगे की कानूनी कार्रवाई की अंतिम स्थिति की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

पुलिस ने किन आरोपों में की कार्रवाई?

रत्ना सिंह की एक अन्य पोस्ट के अनुसार, तीनों नेताओं को जंतर-मंतर मामले में पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में गिरफ्तार किया गया। उन पर कथित तौर पर बिना अनुमति प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने, शांति बनाए रखने के लिए पहले दिए गए बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करने और सरकारी अधिकारी के काम में बाधा डालने जैसे आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों पर आगे की कानूनी प्रक्रिया के दौरान निर्णय होगा।

तिहाड़ जेल भेजे जाने की आशंका

CJP की कानूनी सलाहकार ने यह आशंका भी जताई कि अदालत में पेशी के बाद तीनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा जा सकता है। उन्होंने बताया कि आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्या शिंदे को सुबह करीब तीन बजे एक निजी वैन से पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन लाया गया था। हालांकि, न्यायिक हिरासत या तिहाड़ जेल भेजे जाने को लेकर अंतिम निर्णय संबंधित मजिस्ट्रेट के आदेश पर निर्भर करेगा।

प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ था?

पुलिस से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, CJP के नेता और अन्य सदस्य कथित तौर पर बिना अनुमति जंतर-मंतर के प्रदर्शन क्षेत्र में पहुंच गए थे। वहां उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए। पुलिस ने इसके बाद कार्रवाई की। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ, जब जंतर-मंतर को लेकर प्रदर्शन संबंधी व्यवस्था में बदलाव की जानकारी सामने आई थी।

FIR दर्ज होने के बाद बढ़ीं कानूनी मुश्किलें

पुलिस अधिकारियों के हवाले से दी गई जानकारी के अनुसार, मंगलवार को CJP नेताओं और अन्य सदस्यों के खिलाफ बिना अनुमति प्रदर्शन क्षेत्र में प्रवेश करने के आरोप में FIR दर्ज की गई थी। बताया गया कि मामले में उन कानूनी प्रावधानों को भी शामिल किया गया है, जिनके तहत संबंधित नेताओं ने पहले शांति बनाए रखने के लिए बॉन्ड पर हस्ताक्षर किए थे। यदि बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो आगे की कार्रवाई हो सकती है।

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर विवाद

प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, विरोध स्थल पर बैरिकेडिंग की गई थी और प्रदर्शनकारियों के प्रवेश को लेकर पुलिस ने आपत्ति जताई। इस मामले में बिना अनुमति प्रवेश और सरकारी काम में बाधा डालने जैसे आरोपों की कानूनी जांच की जाएगी।

अब कोर्ट के फैसले पर टिकी नजरें

फिलहाल इस मामले में अगला महत्वपूर्ण घटनाक्रम तीनों नेताओं की कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेशी और उसके बाद होने वाले आदेश से जुड़ा है। उन्हें हिरासत में रखा जाएगा या न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा, यह संबंधित प्राधिकारी तय करेगा। CJP नेताओं की गिरफ्तारी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति और शांति बॉन्ड की शर्तों को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

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