NEET Paper Leak Meeting: सरकार ने मांगी कल दोपहर तक की मोहलत, क्या खत्म होगा छात्र आंदोलन का घमासान?

नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर केंद्र सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच विट्ठल हाउस में अहम बैठक हुई है। सरकार ने मुआवजा और केस वापसी की मांग पर सहमति जताई है, जबकि इस्तीफे पर फैसला कल तक टाल दिया गया है। दोनों पक्षों के बीच कल फिर दूसरे दौर की बातचीत होगी।

NEET Paper Leak Meeting

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 24, 2026

NEET Paper Leak Meeting: देश भर में नीट पेपर लीक मामलों (NEET Paper Leak Controversy) और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जारी भारी आक्रोश के बीच शुक्रवार को नई दिल्ली के विट्ठल हाउस (Vitthal House) में केंद्र सरकार और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के प्रतिनिधियों के बीच बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। छात्र आंदोलन के शुरू होने के बाद से सरकार और आंदोलनकारियों के बीच यह दूसरी उच्चस्तरीय मुलाकात है। हालांकि, इस बैठक के शुरू होने से ठीक पहले CJP के संस्थापक और अध्यक्ष अभिजीत दिपके (Abhijeet Dipke) ने कड़े तेवर दिखाते हुए साफ कर दिया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) के इस्तीफे के अलावा उन्हें और देश के युवाओं को कुछ भी मंजूर नहीं है, और जब तक इस्तीफा नहीं होता, उनका यह विरोध प्रदर्शन (Student Agitation) अनवरत जारी रहेगा।

दूसरे दौर की वार्ता के बाद CJP का बड़ा बयान

केंद्र सरकार के मंत्रियों के साथ लगभग दो घंटे तक चली इस लंबी बैठक के बाद CJP के प्रतिनिधियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी चर्चा की जानकारी दी। कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने मीडिया को बताया कि सरकार ने उन्हें दूसरे दौर की वार्ता के लिए आमंत्रित किया था, जिसमें उन्होंने अपनी 3 प्रमुख मांगें रखीं। CJP ने दावा किया कि सरकार ने नीट परीक्षा विवाद के दौरान सुसाइड करने वाले पीड़ित उम्मीदवारों के परिवारों को उचित मुआवजा देने तथा प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज 11 एफआईआर (FIR) और कानूनी मामलों को वापस लेने की दो मांगों पर इन-प्रिंसिपल (सैद्धांतिक) मंजूरी दे दी है। हालांकि, संगठन ने स्पष्ट किया कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मुख्य मांग पर अभी भी कोई समझौता नहीं हुआ है और सरकार ने इस बिंदु पर विचार करने के लिए कल शनिवार दोपहर तक का समय मांगा है।

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का बयान और सुरक्षा कारणों से बदली गई बैठक की जगह

इस उच्चस्तरीय बैठक का नेतृत्व कर रहे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा (JP Nadda) ने बैठक के बाद कहा कि दोनों पक्षों के बीच करीब दो घंटे तक सकारात्मक माहौल में चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने अपनी 3 मुख्य मांगों के साथ-साथ परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए 5 अहम सुझाव भी दिए हैं। नड्डा ने कहा कि सरकार इन सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार कर रही है और कल दोपहर एक बार फिर दोनों पक्ष आमने-सामने बैठकर आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। सुरक्षा कारणों और खुफिया इनपुट को ध्यान में रखते हुए इस बैठक के स्थल में अंतिम समय में बदलाव किया गया था, और यह वार्ता कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के बजाय विट्ठल हाउस के कमरा नंबर 504 में संपन्न हुई।

सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त और सरकार की विनम्र अपील

इस बीच, पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक द्वारा पिछले 26 दिनों से चलाई जा रही लंबी भूख हड़ताल के समाप्त होने पर CJP ने राहत की सांस ली है। अभिजीत दिपके ने कहा कि उन्हें खुशी है कि सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म कर दिया है, क्योंकि देश के लिए उनकी जान बेहद कीमती है। इससे पहले, केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह (Jitendra Singh) ने पीटीआई से बातचीत में छात्रों और युवा साथियों से अपील की थी कि वे टकराव का रास्ता छोड़कर बातचीत के लिए आगे आएं। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में सरकार की तरफ से CJP को कम से कम चार बार औपचारिक न्यौता भेजा गया था, क्योंकि सरकार का मानना है कि केवल आपसी संवाद (Dialogue) के जरिए ही हर जटिल मुद्दे का स्थायी और सौहार्दपूर्ण समाधान निकाला जा सकता है।