CJI News: CJI पर अभद्र टिप्पणी के बाद कार्रवाई, कोर्ट में बवाल करने वाले 2 छात्र गिरफ्तार

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान हंगामा करने और अभद्र व्यवहार के मामले में दिल्ली पुलिस ने कड़ा एक्शन लिया है।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 15, 2026

CJI News: देश की सर्वोच्च अदालत में अमर्यादित व्यवहार और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट परिसर में हंगामा करने और न्यायिक प्रक्रिया को बाधित करने के आरोप में कानून (Law) के दो छात्रों को गिरफ्तार किया गया है। इस घटना के बाद राजधानी दिल्ली के तिलक मार्ग थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।

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लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र हैं दोनों आरोपी

समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश की प्रतिष्ठित लखनऊ यूनिवर्सिटी में कानून के छात्र हैं। इनमें से पहला आरोपी प्रबल प्रताप सिंह (उम्र 24 वर्ष) एलएलबी (LLB) तृतीय वर्ष का छात्र है, जबकि दूसरा आरोपी चंद्र भान (उम्र 23 वर्ष) एलएलबी द्वितीय वर्ष का छात्र है। दिल्ली पुलिस ने इन दोनों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, न्यायालय की अवमानना करने और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने सहित भारतीय न्याय संहिता की कई गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। गहन पूछताछ और प्रारंभिक जांच के बाद मंगलवार रात को दोनों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।

सुप्रीम कोर्ट के सुरक्षा स्टाफ की शिकायत पर दर्ज हुई FIR

तिलक मार्ग थाना पुलिस के मुताबिक, यह पूरी कानूनी कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के सुरक्षा विंग में तैनात स्टाफ के आधिकारिक बयान और शिकायत के आधार पर की गई है। सुरक्षाकर्मियों ने पुलिस को दी गई शिकायत में कोर्टरूम के भीतर हुए पूरे घटनाक्रम और सुरक्षा उल्लंघन की विस्तृत जानकारी दी थी, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल प्रभाव से मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।

जानिए क्या था पूरा मामला और कब हुई घटना?

यह सनसनीखेज घटना 10 जुलाई को देश के सर्वोच्च न्यायालय के कोर्ट नंबर 13 में घटित हुई थी। उस समय अदालत में एक विशेष अनुमति याचिका यानी एसएलपी (SLP No. 31367/2026) पर सुनवाई चल रही थी। यह याचिका ‘प्रबल प्रताप और अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य’ के नाम से दाखिल की गई थी।

अदालत में क्या हुआ: याचिकाकर्ता प्रबल प्रताप सिंह यादव इस मामले में किसी वकील के बिना स्वयं (In-Person) अपनी पैरवी कर रहे थे। सुनवाई के दौरान जैसे ही बहस आगे बढ़ी, प्रबल प्रताप अचानक उग्र हो गए और उन्होंने अदालत की गरिमा को ताक पर रखकर कार्यवाही में व्यवधान डालना शुरू कर दिया।

आरोप है कि उन्होंने न केवल जजों की पीठ (Bench) के सामने आक्रामक रुख अपनाया, बल्कि भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के खिलाफ भी बेहद आपत्तिजनक और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया। इसके साथ ही उन्होंने गुस्से में आकर कोर्ट की बेंच की तरफ कई कानूनी दस्तावेज और कागज हवा में उछाल दिए। इस औचक हंगामे और बदसलूकी के कारण अदालत की कार्यवाही को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा, जिससे न्यायपालिका की सुरक्षा और सम्मान पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। पुलिस फिलहाल मामले की आगे की कानूनी तफ्तीश में जुटी है।

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