Chuck Schumer vs Trump: चक शूमर की ट्रंप को चेतावनी, ईरान और क्यूबा में युद्ध अमेरिका को ले डूबेगा

अमेरिकी सीनेट में बहुमत के नेता चक शूमर ने राष्ट्रपति ट्रंप की ईरान और क्यूबा के प्रति 'आक्रामक' रणनीति पर कड़ा प्रहार किया है। शूमर ने दावा किया है कि दो मोर्चों पर एक साथ युद्ध लड़ने से अमेरिका न केवल आर्थिक रूप से कंगाल होगा, बल्कि एक अंतहीन दलदल में फंस जाएगा।

Chuck Schumer vs Trump

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 6, 2026

Chuck Schumer vs Trump: मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव और युद्ध की आहट के बीच, अमेरिकी सीनेट में अल्पमत के नेता चक शूमर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विदेश और सैन्य नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शूमर ने सदन में बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ट्रंप की वर्तमान रणनीतियां न केवल खतरनाक हैं, बल्कि वे पूरी दुनिया को विनाश की ओर ले जा रही हैं। उन्होंने राष्ट्रपति पर आरोप लगाया कि वे अमेरिकी जनता की भावनाओं को दरकिनार कर एक ऐसे संघर्ष को बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका अंत किसी को नहीं पता। शूमर का मानना है कि ट्रंप का यह सैन्य दुस्साहस अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है।

जनता की राय: रिपब्लिकन और मागा समर्थक भी युद्ध के खिलाफ

सीनेटर शूमर ने सीनेट के पटल पर बोलते हुए दावा किया कि युद्ध के इस उन्माद में डोनाल्ड ट्रंप अपनी ही पार्टी और समर्थकों के बीच अलग-थलग पड़ते जा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज कोई भी अमेरिकी नागरिक—चाहे वह डेमोक्रेट हो, निर्दलीय हो या फिर ट्रंप का कट्टर ‘मागा’ (MAGA) समर्थक—नया युद्ध नहीं चाहता। शूमर के अनुसार, सीनेट के रिपब्लिकन सदस्य जिस तरह से राष्ट्रपति के फैसलों पर आंख मूंदकर समर्थन दे रहे हैं, वह जनता के साथ विश्वासघात है। अमेरिकी जनता शांति चाहती है, लेकिन प्रशासन उन्हें जबरन एक ऐसी लड़ाई में झोंक रहा है जिसकी कोई आवश्यकता नहीं है।

बिना किसी स्पष्ट रणनीति के सैन्य अभियान का विस्तार

शूमर ने चेतावनी दी है कि ट्रंप प्रशासन के पास इस सैन्य अभियान को लेकर कोई ठोस या स्पष्ट रोडमैप नहीं है। उन्होंने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और विदेश मंत्री मार्को रुबियो के विरोधाभासी बयानों का हवाला देते हुए कहा कि प्रशासन का लक्ष्य हर दिन बदल रहा है। शूमर ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि यह संघर्ष अब केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसका दायरा दक्षिण में हिंद महासागर से लेकर उत्तर में अजरबैजान तक फैल चुका है। बिना किसी रणनीतिक स्पष्टता के युद्ध के मोर्चे खोलना अमेरिका के लिए आत्मघाती साबित हो सकता है।

अमेरिका में बढ़ती महंगाई और ईंधन की कीमतों का संकट

इस सैन्य टकराव का खामियाजा अब सात समंदर पार अमेरिका के आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। चक शूमर ने आंकड़ों के साथ बताया कि युद्ध की खबरों और समुद्री रास्तों में तनाव के कारण पिछले एक हफ्ते में गैस और अन्य ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आया है। महंगाई का बोझ आम अमेरिकियों की कमर तोड़ रहा है, जिससे जनता के भीतर गहरा असंतोष और मानसिक तनाव पैदा हो गया है। लोग अनिश्चित भविष्य को लेकर डरे हुए हैं और वे चाहते हैं कि सरकार आक्रामक नीतियों को छोड़कर आर्थिक स्थिरता और शांति पर ध्यान केंद्रित करे।

सीनेट की विफलता और रिपब्लिकन सांसदों की भूमिका

सीनेटर शूमर ने इस बात पर गहरा दुख जताया कि अमेरिकी सीनेट ने बुधवार को ट्रंप की युद्धोन्मादी नीतियों पर अंकुश लगाने का एक सुनहरा मौका गंवा दिया। उन्होंने इसे सीनेट के इतिहास का सबसे ‘निम्न स्तर’ का क्षण करार दिया। शूमर के अनुसार, जब देश को संतुलन की जरूरत थी, तब रिपब्लिकन सांसद केवल अपनी राजनीतिक निष्ठा निभाने के लिए राष्ट्रपति के पीछे खड़े रहे। उन्होंने अंत में चेतावनी दी कि भविष्य में इस स्थिति के लिए इतिहास उन सभी नेताओं को जिम्मेदार ठहराएगा जिन्होंने राष्ट्रपति के गलत फैसलों को रोकने के बजाय उन पर चुप्पी साधे रखी।

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