Chitrakoot News: उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार, 6 सितंबर 2026 को बाढ़ प्रभावित चित्रकूट पहुंचे। दोपहर करीब 12:30 बजे उनका हेलीकॉप्टर देवांगना एयरपोर्ट पर उतरा। मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी मौजूद रहे। एयरपोर्ट पहुंचने के बाद सीएम योगी ने मंदाकिनी नदी के उफान से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया और बाढ़ से बने हालात का जायजा लिया।
मंदाकिनी नदी के उफान से चित्रकूट में बढ़ी परेशानी
बताते चले कि, मंदाकिनी नदी के बढ़े जलस्तर ने चित्रकूट के कई इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हवाई सर्वे के दौरान मुख्यमंत्री ने बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों और जलभराव की स्थिति को देखा। इसके बाद वह सीधे रामघाट पहुंचे, जहां उन्होंने मौके पर पहुंचकर बाढ़ से हुए नुकसान का स्थलीय निरीक्षण किया। प्रशासनिक अधिकारियों से भी उन्होंने राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली।
रामघाट पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों से CM योगी ने की बातचीत
आपको बता दे कि, रामघाट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित व्यापारियों और स्थानीय लोगों से बातचीत की। उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही मदद के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री और जरूरी सहायता जल्द से जल्द पहुंचाई जाए।
सीएम योगी ने अधिकारियों से राहत शिविरों, भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और बचाव व्यवस्था को लेकर भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री का जोर इस बात पर रहा कि बाढ़ की स्थिति में किसी भी प्रभावित परिवार को परेशानी न उठानी पड़े।
क्षतिग्रस्त तुलसीदास प्रतिमा देखकर सीएम योगी ने जताई चिंता
चित्रकूट बाढ़ का असर ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों पर भी दिखाई दे रहा है। रामघाट का निरीक्षण करते समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संत तुलसीदास की बाढ़ के पानी से क्षतिग्रस्त हुई प्रतिमा के पास पहुंचे। प्रतिमा की स्थिति देखकर उन्होंने चिंता जताई। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से प्रतिमा को हुए नुकसान और उसके जीर्णोद्धार की योजना के बारे में जानकारी ली। साथ ही प्रतिमा की सुरक्षा को लेकर भी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। तेज बहाव के कारण रामघाट क्षेत्र में कई जगहों पर नुकसान हुआ है।
चित्रकूट के 36 गांव बाढ़ से प्रभावित
मंदाकिनी नदी के उफान के चलते चित्रकूट जिले के 36 गांव प्रभावित बताए गए हैं। बाढ़ के पानी की वजह से कई कच्चे और पक्के मकानों को नुकसान पहुंचा है। वहीं किसानों की खरीफ की फसलें भी पानी में डूब गई हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीतापुर रैन बसेरा में बनाए गए राहत शिविर का भी दौरा किया और वहां मौजूद बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की। इसके अलावा रामायण प्रेक्षागृह में प्रभावित लोगों को राहत सामग्री की किट वितरित करने का कार्यक्रम भी रखा गया है।
चित्रकूट बाढ़ में सुरक्षा के लिए जल पुलिस और गोताखोर तैनात
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए रामघाट क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है। जल पुलिस और गोताखोरों को तैनात किया गया है। घाट क्षेत्र में नाव, मोटरबोट और जाल के जरिए निगरानी की जा रही है। प्रशासन का फोकस फिलहाल बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और किसी भी तरह की अनहोनी को रोकने पर है। मुख्यमंत्री के दौरे के बाद प्रशासनिक मशीनरी को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
चित्रकूट बाढ़ पर प्रशासन की नजर
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का उफान भले ही प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है, लेकिन राहत और बचाव टीमों को लगातार सक्रिय रखा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ग्राउंड जीरो निरीक्षण के बाद अब प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित गांवों में राहत सामग्री पहुंचाना और बाढ़ के बीच लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। 36 गांवों के प्रभावित होने और फसलों व मकानों को नुकसान के बीच अब नजर इस बात पर है कि जलस्तर आगे क्या रुख लेता है और बाढ़ प्रभावित इलाकों में हालात कब तक सामान्य हो










