Chirag Paswan on Sonam Wangchuk: केंद्रीय मंत्री और एलजेपी (आर) प्रमुख चिराग पासवान ने शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे सोनम वांगचुक के आंदोलन पर बड़ी प्रतिक्रिया दी है। चिराग पासवान ने कहा कि सोनम वांगचुक का सम्मान करते हुए भी वे यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि विपक्षी दल उनके चेहरे का इस्तेमाल अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन तलाशने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने वामपंथी दलों और हाशिए पर खड़े विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे दलों का किसी मुद्दे को राजनीतिक चश्मे से देखना गलत है। चिराग ने जोर देकर कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग का हर कोई समर्थन करता है, लेकिन इसे राजनीतिक एजेंडा बनाना अनुचित है।
जवाबदेही और शांतिपूर्ण संवाद पर सरकार का रुख
बताते चले कि, पेपर लीक और नीट (NEET) परीक्षा से जुड़े विवाद पर चिराग पासवान ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि सरकार इन मामलों को लेकर बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है और पहले हुई घटनाओं के बाद से कड़े कदम उठाए गए हैं। केंद्रीय मंत्री ने प्रदर्शनकारियों को नसीहत देते हुए कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का तरीका शांतिपूर्ण होता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि कहीं कोई चूक होती है, तो सरकार सुझावों पर काम करने के लिए तैयार है और इसमें जवाबदेही भी तय की जाएगी। संवाद से हर समस्या का हल निकल सकता है, दबाव की राजनीति का नहीं।
नेता प्रतिपक्ष की अनुपस्थिति पर तेजस्वी यादव को घेरा
बांकीपुर उपचुनाव के संदर्भ में चिराग पासवान ने आरजेडी पर भी जोरदार हमला बोला। उन्होंने बिहार के नेता प्रतिपक्ष की अनुपस्थिति पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि विपक्ष के पास अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का यह बड़ा मौका था, लेकिन नेता प्रतिपक्ष को बिहार की कोई चिंता नहीं है। चिराग ने तंज कसते हुए कहा कि वे तो मानते ही नहीं कि आरजेडी अब बिहार की राजनीति में कहीं सक्रिय है, क्योंकि जिस पार्टी का मुख्य नेता ही अपने क्षेत्र से गायब रहता है, वह जनता के प्रति गंभीर नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि ‘नेता प्रतिपक्ष’ का पद कोई मजाक नहीं है, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है।










