Chirag Paswan On Congress Protest: पीएम आवास घेराव पर बोले चिराग पासवान— छात्रों के नाम पर राजनीति कर रही है कांग्रेस

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने 21 जुलाई को कांग्रेस द्वारा किए गए पीएम आवास घेराव प्रदर्शन पर तीखी चिंता जताई है। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का नाम लेते हुए कहा कि हाई सिक्योरिटी ज़ोन में धारा 163 का उल्लंघन खतरनाक है। चिराग ने आरोप लगाया कि छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन की आड़ में असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ रहे हैं।

Chirag Paswan On Congress Protest

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 22, 2026

Chirag Paswan On Congress Protest: नई दिल्ली में 21 जुलाई को प्रधानमंत्री आवास के समीप कांग्रेस पार्टी द्वारा किए गए उग्र विरोध-प्रदर्शन को लेकर सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। इस पूरे घटनाक्रम पर मोदी सरकार के केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। चिराग पासवान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केंद्र सरकार ने देश के भविष्य यानी नौजवानों और शिक्षार्थियों के साथ हमेशा बातचीत का रास्ता खुला रखा है और आज भी शासन हर समस्या का हल केवल सार्थक संवाद के जरिए निकालने का पूर्ण पक्षधर है। उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल छात्र हितों की आड़ में अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने में मसरूफ हो गया है, जिससे माहौल लगातार तनावपूर्ण होता जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने शांतिपूर्ण निपटारे के लिए बातचीत की वकालत की

बताते चले कि, संसद परिसर के बाहर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने सरकार के सकारात्मक रुख को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “सत्तारूढ़ प्रशासन की तरफ से विचार-विमर्श और आपसी संवाद के रास्ते हमेशा खुले रखे गए हैं। आज भी गतिरोध दूर करने के द्वार खुले हैं और मेरा यह दृढ़ विश्वास है कि केवल स्वस्थ बातचीत के माध्यम से ही बड़ी से बड़ी राष्ट्रीय समस्या का सर्वसम्मत समाधान खोजा जा सकता है।” चिराग पासवान ने आशावादी रुख अपनाते हुए उम्मीद जताई कि जल्द ही एक ऐसा साझा मंच तैयार होगा, जहाँ बैठकर सभी पक्ष मिलकर व्यापक चर्चा करेंगे और किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि पीड़ित छात्र समुदाय से तो निरंतर संवाद चल ही रहा है, लेकिन अब इसमें विपक्षी दलों का दखल अवांछनीय है।

संवेदनशील सुरक्षा जोन में धारा 163 के उल्लंघन पर उठाए गंभीर सवाल

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा का सीधा नाम लेते हुए 21 जुलाई को प्रधानमंत्री निवास के ठीक बाहर हुए उग्र प्रदर्शन और सुरक्षा घेरा तोड़े जाने की कोशिशों पर गहरी चिंता व्यक्त की। चिराग पासवान ने बेहद संजीदगी से कहा, “कल जिस तरीके से राहुल जी और प्रियंका जी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री जी के आधिकारिक आवास के सामने जो कुछ भी घटित हुआ, उस पर मैं पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी से अपनी बात रखना चाहता हूं। देश के शीर्ष नेतृत्व के निवास स्थान और लुटियंस दिल्ली के कई उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्रों की अपनी एक तय संवेदनशीलता होती है। विशेष रूप से जब उन संवेदनशील इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 (पूर्ववर्ती धारा 144) लागू रहती है, तब वहां एक अनियंत्रित भीड़ का इकट्ठा होना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक है।”

पुलिसकर्मियों पर हमलों और हिंसक विजुअल्स का दिया हवाला

शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के हिंसक रूप अख्तियार करने के पीछे छिपी बड़ी साजिश का पर्दाफाश करते हुए चिराग पासवान ने खुफिया इनपुट और जमीनी हकीकत का जिक्र किया। उन्होंने आगाह करते हुए कहा, “अक्सर देखा गया है कि न्यायसंगत प्रदर्शनों की आड़ लेकर कुछ घोर असामाजिक तत्व और उपद्रवी भीड़ के बीच घुस जाते हैं और जानबूझकर शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने का कुत्सित प्रयास करते हैं। हम सबने समाचार चैनलों पर वे भयानक विजुअल्स (वीडियो फुटेज) देखे हैं, जिनमें कानून व्यवस्था बनाए रखने वाले पुलिस कांस्टेबल्स को बेरहमी से पीटा जा रहा है और महिला व पुरुष पुलिसकर्मियों के साथ सरेआम हाथापाई की जा रही है। यकीनन, देश के भविष्य का निर्माण करने वाले मासूम छात्र तो ऐसी हिंसक वारदातों को अंजाम नहीं दे सकते। साफ है कि बच्चों की आड़ लेकर कुछ असामाजिक ताकतें अपना एजेंडा चला रही हैं।”

‘गुंडई सोच वाले लोगों’ से बड़े हादसे का खतरा

अपने वक्तव्य के अंतिम चरण में चिराग पासवान ने प्रधानमंत्री आवास के आसपास जुटी भीड़ में संभावित खतरों से देश को आगाह किया। उन्होंने आशंका जताते हुए कहा, “कल पीएम आवास के पास जिस तरीके से हजारों की अनियंत्रित भीड़ को इकट्ठा किया गया, यदि दो-चार और ऐसे आपराधिक और गुंडई सोच रखने वाले अराजक तत्व उस हुजूम में दाखिल होकर किसी अप्रिय या बड़ी घटना को अंजाम दे देते, तो शायद भविष्य तक हम सभी देशवासी केवल पछताते रह जाते। इसलिए ऐसी संवेदनशील परिस्थितियों में चीजों को पूरी तरह व्यवस्थित, अनुशासित और सुरक्षा बलों के नियंत्रण में रखकर चलाने की सख्त जरूरत है।” उन्होंने राजनीतिक दलों को नसीहत दी कि जब तक कोई दल इस गंभीर विषय पर वोट बैंक की राजनीति बंद नहीं करेगा, तब तक हल निकलना मुश्किल है; यदि राजनीति न हो तो इस मसले को बेहद संयम के साथ आपसी सहमति से सुलझा लिया जाएगा।