South China Sea : दक्षिण चीन सागर में बढ़ा तनाव, चीन ने स्कारबोरो शोल की नाकेबंदी कर फिलीपींस को दी खुली चुनौती

South China Sea Crisis: चीन ने स्कारबोरो शोल के प्रवेश द्वार पर फ्लोटिंग बैरियर लगाकर फिलीपींस की घेराबंदी तेज कर दी है। सैटेलाइट तस्वीरों में चीनी नौसेना और समुद्री मिलिशिया के जहाजों की मौजूदगी देखी गई है। अमेरिका के साथ फिलीपींस के युद्धाभ्यास से ठीक पहले हुई इस नाकेबंदी ने महायुद्ध का खतरा बढ़ा दिया है।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 16, 2026

South China Sea : दुनिया इस समय दो बड़े समुद्री मोर्चों पर तनाव झेल रही है। एक तरफ मध्य पूर्व में होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की चिंता बढ़ा दी है, तो दूसरी तरफ चीन ने दक्षिण चीन सागर (South China Sea) में एक नया मोर्चा खोल दिया है। चीन ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘स्कारबोरो शोल’ की पूर्ण नाकेबंदी कर दी है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज को लेकर गतिरोध चरम पर है। अब स्कारबोरो शोल को लेकर चीन और फिलीपींस के बीच सैन्य टकराव की स्थिति पैदा हो गई है, जिससे पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।

सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा: चीन का फ्लोटिंग बैरियर और कोस्ट गार्ड की तैनाती

हाल ही में प्राप्त हुई सैटेलाइट तस्वीरों ने चीन की विस्तारवादी साजिश को बेनकाब कर दिया है। तस्वीरों से पता चला है कि चीन ने स्कारबोरो शोल के प्रवेश द्वार को पूरी तरह से सील करने के लिए करीब 350 मीटर लंबा एक ‘फ्लोटिंग बैरियर’ (तैरती हुई दीवार) तैनात किया है। इतना ही नहीं, इस अवरोध की सुरक्षा के लिए चीन के कोस्ट गार्ड जहाज, सैन्य नावें और बड़ी संख्या में समुद्री मिलिशिया तैनात की गई है। इस नाकेबंदी का उद्देश्य फिलीपींस की नौसेना और नागरिक जहाजों के प्रवेश को पूरी तरह से रोकना है। चीन का यह रणनीतिक दांव फिलीपींस की संप्रभुता पर सीधा प्रहार माना जा रहा है।

मछुआरों की रोजी-रोटी पर संकट: एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन में चीन की घुसपैठ

स्कारबोरो शोल केवल एक चट्टानी द्वीप नहीं है, बल्कि यह प्रचुर मात्रा में मछली पकड़ने वाला एक समृद्ध क्षेत्र है। ऐतिहासिक रूप से फिलीपींस के मछुआरे अपनी जीविका के लिए इस क्षेत्र पर निर्भर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार, यह इलाका फिलीपींस के ‘एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन’ (EEZ) के अंतर्गत आता है। हालांकि, चीन अपने ‘नाइन-डैश लाइन’ के अवैध दावों के आधार पर इसे अपना क्षेत्र बताता है। चीनी कोस्ट गार्ड अब फिलीपींस के गरीब मछुआरों को डराने-धमकाने और उन्हें खदेड़ने के लिए हिंसक हथकंडे अपना रहा है, जिससे क्षेत्रीय खाद्य सुरक्षा और आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।

सैन्यीकरण और आक्रामकता: फिलीपींस ने भी तैनात किए अपने युद्धपोत

चीन की इस बढ़ती आक्रामकता के जवाब में फिलीपींस ने भी झुकने से इनकार कर दिया है। फिलीपींस के रक्षा मंत्रालय ने आरोप लगाया है कि चीन ‘मैरीटाइम मिलिशिया’ का उपयोग करके दबाव बना रहा है। पिछली बार जब चीन ने ऐसे बैरियर लगाए थे, तो फिलीपींस ने उन्हें हटा दिया था, लेकिन इस बार चीन ने भारी सैन्य सुरक्षा के बीच इन्हें स्थापित किया है। जवाबी कार्रवाई करते हुए फिलीपींस ने भी अपने कोस्ट गार्ड और नौसेना के जहाजों को हाई अलर्ट पर रखते हुए विवादित क्षेत्र की ओर रवाना कर दिया है। यह आमने-सामने की स्थिति किसी भी समय बड़े युद्ध का रूप ले सकती है।

अमेरिका का समर्थन और अंतरराष्ट्रीय कानून: चीन की बढ़ती हठधर्मिता

फिलीपींस को इस विवाद में अमेरिका का कड़ा समर्थन प्राप्त है। हाल ही में दोनों देशों ने दक्षिण चीन सागर में संयुक्त सैन्य अभ्यास कर चीन को अपनी ताकत का अहसास कराया था। फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी एक इंच जमीन भी नहीं छोड़ेंगे। गौरतलब है कि 2016 में अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत (PCA) ने चीन के दावों को खारिज करते हुए फिलीपींस के पक्ष में फैसला सुनाया था, जिसे मानने से बीजिंग ने साफ इनकार कर दिया था। चीन का यह व्यवहार वैश्विक नियम-आधारित व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

अवसरवादी राजनीति: वैश्विक व्यस्तता का फायदा उठा रहा है बीजिंग

विशेषज्ञों का मानना है कि चीन इस समय का फायदा उठा रहा है क्योंकि अमेरिका का मुख्य ध्यान मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) के संकटों पर केंद्रित है। जब दुनिया की महाशक्तियां दूसरी समस्याओं में उलझी हैं, तब चीन ताइवान को घेरने और फिलीपींस जैसे पड़ोसियों पर दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है। स्कारबोरो शोल पर कब्जा जमाकर चीन पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है, जो न केवल व्यापारिक दृष्टि से बल्कि सैन्य दृष्टि से भी बेहद संवेदनशील है। अब देखना यह है कि वैश्विक समुदाय चीन की इस दादागिरी पर कैसी प्रतिक्रिया देता है।

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