मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – प्रकृति और विकास के बीच संतुलन हमारी प्राथमिकता

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार प्रकृति और विकास के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे वन्य जीव और ग्रामीण समुदाय दोनों सुरक्षित रह सकें। पेंच टाइगर रिजर्व से विस्थापित परिवारों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए उन्हें खेती योग्य भूमि, आवास और बिजली, पानी तथा सड़क जैसी आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। पर्यावरण संरक्षण और विकास की मिसाल बना कर्माझिरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में जनजातीय समुदाय के उत्थान और पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठाए जा

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Published On :

अप्रैल 11, 2026

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भोपाल. 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार प्रकृति और विकास के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे वन्य जीव और ग्रामीण समुदाय दोनों सुरक्षित रह सकें। पेंच टाइगर रिजर्व से विस्थापित परिवारों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए उन्हें खेती योग्य भूमि, आवास और बिजली, पानी तथा सड़क जैसी आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।

पर्यावरण संरक्षण और विकास की मिसाल बना कर्माझिरी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में जनजातीय समुदाय के उत्थान और पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। पेंच टाइगर रिजर्व से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास के लिए कर्माझिरी में 40 नए घर तैयार किए जा रहे हैं। सौर ऊर्जा से रोशन सर्व-सुविधायुक्त इन आवासों को उपलब्ध कराने की यह पहल पर्यावरण संरक्षण और विकास के समन्वय की एक प्रेरक मिसाल बन रही है। नये स्थान पर बसाये गये परिवारों के चेहरों पर दिखाई दे रही संतुष्टि और मुस्कान ही इस पहल की सबसे बड़ी सफलता है।

सौर ऊर्जा से रोशन घर, बेहतर सड़कें, शिक्षा और चिकित्सा सुविधाएँ
पेंच टाइगर रिजर्व के विस्थापितों के लिए कर्माझिरी में कुल 40 आवासों का निर्माण किया जा रहा है। इन घरों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। घरों में सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए यूनिटी बैंक द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व के अंतर्गत सहयोग दिया गया है। बेहतर सड़क संपर्क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुँच तथा आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे नये स्थानों पर बसाये गये परिवारों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हो रहा है। पेंच टाइगर रिजर्व में संवेदनशील और सुनियोजित क्रियान्वयन के साथ किया गया यह प्रयास विश्वास आधारित सकारात्मक बदलाव का मॉडल बनकर उभर रहा है।

वन विभाग द्वारा किया गया यह स्वैच्छिक पुनर्वास वन एवं पर्यावरण संरक्षण और समुदाय कल्याण का संतुलित उदाहरण है। वन क्षेत्र की परिधि में रहने वाले वंचित जनजातीय समुदायों के जीवन में यह पहल नई उम्मीदों के साथ बेहतर भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर रही है। पुर्नवास की यह पहल दर्शाती है कि वन एवं पर्यावरण संरक्षण और विकास की सोच के साथ बनाई गई योजनाएँ पर्यावरण की रक्षा के साथ-साथ लोगों के जीवन में भी वास्तविक परिवर्तन होगा।

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