UP Politics: ‘राम के नाम पर हुई करोड़ों की लूट!’ राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर चंद्रशेखर आजाद का बड़ा हमला

नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने इसे करोड़ों की लूट बताते हुए सीबीआई और ईडी से निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, उत्तराखंड में केतन हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे उनके काफिले को पुलिस ने रोक दिया, जिसे उन्होंने तानाशाही करार दिया है।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 29, 2026

UP Politics: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मुद्दा अब राष्ट्रीय राजनीति में तूल पकड़ता जा रहा है। सहारनपुर पहुंचे नगीना के सांसद चंद्रशेखर आजाद ने इस मामले को लेकर बीजेपी और सरकारी तंत्र पर तीखे हमले किए हैं। चंद्रशेखर आजाद ने आरोप लगाया कि भगवान श्रीराम की आस्था के नाम पर एकत्र किए गए करोड़ों रुपये के चंदे में व्यापक स्तर पर लूट हुई है। उन्होंने कहा कि यह महज चोरी नहीं, बल्कि करोड़ों भक्तों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। सांसद ने तल्ख लहजे में मांग की कि इस पूरे प्रकरण में जो भी बड़े रसूखदार चेहरे शामिल हैं, उन्हें बचाने की कोशिश बंद होनी चाहिए।

जांच एजेंसियों की निष्पक्षता पर चंद्रशेखर का सवाल

बताते चले कि, सांसद चंद्रशेखर आजाद ने मांग की है कि राम मंदिर चढ़ावा घोटाले की जांच को केवल स्थानीय पुलिस तक सीमित न रखा जाए। उन्होंने सीधे तौर पर आयकर विभाग (Income Tax), प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जैसी शीर्ष केंद्रीय जांच एजेंसियों के हस्तक्षेप की मांग की है। आजाद ने कहा कि यदि मामले में बड़े रसूखदार लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, तो इन केंद्रीय एजेंसियों को बिना किसी दबाव के निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन एजेंसियों का उपयोग केवल विपक्षी नेताओं को डराने के लिए किया और मंदिर घोटाले में कार्रवाई नहीं की, तो जनता इसे कभी माफ नहीं करेगी।

‘लोकतंत्र में तानाशाही’ का आरोप

एक ओर जहां राम मंदिर मुद्दे पर आजाद मुखर रहे, वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड के टिहरी में केतन हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने जाते समय उनके साथ हुई घटना ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। रविवार को हरिद्वार के शंकराचार्य चौक पर भारी पुलिस बल ने सांसद के काफिले को रोक दिया। आजाद समाज पार्टी के प्रमुख टिहरी जाकर केतन हत्याकांड के शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना देने और उन्हें न्याय दिलाने का वादा करने वाले थे। पुलिस द्वारा रास्ता रोके जाने पर चंद्रशेखर आजाद ने पुष्कर सिंह धामी सरकार की कड़ी निंदा की और इसे पूरी तरह से ‘तानाशाही’ करार दिया।

तनावपूर्ण माहौल और समर्थकों का भारी विरोध

सांसद का काफिला रोके जाने की खबर मिलते ही आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक मौके पर जमा हो गए। शंकराचार्य चौक पर भारी तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जहां समर्थकों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। समर्थकों की मांग थी कि सांसद को आगे जाने की अनुमति दी जाए, लेकिन पुलिस ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का हवाला देते हुए उन्हें आगे बढ़ने से पूरी तरह रोक दिया। पुलिस ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है, जबकि प्रशासन अभी भी सांसद को आगे जाने की अनुमति देने के मूड में नजर नहीं आ रहा है। यह घटनाक्रम अब उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नए विवाद को जन्म दे रहा है।