Chandranath Rath Murder Case : यूपी के राज सिंह को क्लीन चिट, कोर्ट ने दिया रिहाई का आदेश

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की सनसनीखेज हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा कदम उठाया है! यूपी से गिरफ्तार आरोपी राज सिंह, मयंक मिश्रा और विक्की मौर्या को कोर्ट ने 24 मई तक सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है। आखिर पूछताछ में क्या बड़े राज खुलेंगे? जानने के लिए पढ़ें...

Chandranath Rath Murder Case

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 21, 2026

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Chandranath Rath Murder Case :  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद भड़की राजनीतिक हिंसा के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की निर्मम हत्या कर दी गई थी। 6 मई की रात को अंजाम दी गई इस खौफनाक वारदात ने पूरे देश का ध्यान खींचा था। हत्या के ठीक पांच दिन बाद, 11 मई को बंगाल पुलिस की एक विशेष टीम ने उत्तर प्रदेश में दबिश देकर राज सिंह नाम के एक युवक को इस सनसनीखेज हत्याकांड के मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया था। हालांकि, बाद में कानूनी पड़ताल में यह गिरफ्तारी पूरी तरह से गलत साबित हुई, जिसके बाद अदालत ने प्रशासनिक चूक को सुधारते हुए राज सिंह को तत्काल जेल से रिहा करने का आदेश जारी कर दिया।

सीबीआई की तफ्तीश में खुली बंगाल पुलिस की पोल, कोर्ट से मांगी राज की आजादी

इस हाई-प्रोफाइल मामले की गंभीरता और राजनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए अदालत ने बाद में इसकी जांच राज्य पुलिस के हाथों से छीनकर देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) को सौंप दी थी। सीबीआई की विशेष टीम ने जब मामले की केस डायरी और तकनीकी साक्ष्यों की बारीकी से दोबारा जांच की, तो एक चौंकाने वाला सच सामने आया। केंद्रीय एजेंसी को पता चला कि बंगाल पुलिस ने जल्दबाजी में एक बेगुनाह इंसान को सलाखों के पीछे भेज दिया था। सीबीआई ने अपनी पुख्ता जांच के आधार पर अदालत में एक विशेष याचिका दायर कर राज सिंह की बिना शर्त रिहाई की मांग की। एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि जिस वक्त बंगाल में चंद्रनाथ की हत्या हुई, उस दिन राज सिंह वहां से सैकड़ों किलोमीटर दूर था।

मां ने मीडिया के सामने बयां की सच्चाई, लखनऊ की शादी में शामिल था युवक

राज सिंह की गिरफ्तारी के बाद से ही उसका परिवार लगातार उसे बेगुनाह बता रहा था और न्याय की गुहार लगा रहा था। राज की मां जमवंती सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए अपने बेटे की बेगुनाही के अकाट्य सबूत पेश किए थे। उन्होंने बताया कि जिस दिन बंगाल में हत्या की यह वारदात हुई, उनका बेटा उत्तर प्रदेश में ही मौजूद था। वह 7 मई को एमएलसी पप्पू सिंह की बेटी के विवाह समारोह में शामिल होने के लिए अपने पूरे परिवार के साथ लखनऊ आया हुआ था। शादी समारोह के दौरान वे सभी कार्यक्रम स्थल के समीप स्थित एक गेस्ट हाउस में ठहरे हुए थे, जिसकी बुकिंग और वहां मौजूदगी के पुख्ता प्रमाण उनके पास मौजूद थे।

अयोध्या में दर्शन के बाद खाना खाते समय बंगाल पुलिस ने किया था गिरफ्तार

पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, शादी का कार्यक्रम खत्म होने के बाद राज सिंह अपनी मां के साथ अगली सुबह अंबेडकर नगर के लिए रवाना हुआ था। वहां उन्होंने प्रसिद्ध मखदूम अशरफ बाबा की दरगाह पर दर्शन किए और पवित्र चादर चढ़ाई। इसके बाद पूरा परिवार धार्मिक नगरी अयोध्या में भगवान श्रीराम के दर्शन करने पहुंचा। अयोध्या में दर्शन-पूजन संपन्न करने के बाद जब वे वापस लौट रहे थे और रास्ते में एक ढाबे पर खाना खाने के लिए रुके, तभी अचानक बंगाल पुलिस की टीम ने उन्हें घेर लिया। पुलिस ने राज सिंह के साथ-साथ मयंक मिश्रा और विक्की मौर्य को भी हिरासत में ले लिया और अपने साथ बंगाल ले गई।

यूपी पुलिस की खुफिया रिपोर्ट ने दी क्लीन चिट, सीबीआई ने असली कातिलों को दबोचा

उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हलकों में अच्छी पकड़ रखने वाले राज सिंह के परिवार ने इस अन्याय के खिलाफ यूपी के कई उच्च अधिकारियों और गृह विभाग से संपर्क साधा था। सूत्रों के अनुसार, यूपी पुलिस की खुफिया विंग और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने भी अपनी समानांतर जांच में परिवार के दावों को शत-प्रतिशत सही पाया था। गौरतलब है कि चंद्रनाथ की हत्या बंगाल चुनाव के नतीजे आने के दो दिन बाद और शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण से महज तीन दिन पहले हुई थी। अब इस मामले में वास्तविक कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने उत्तर प्रदेश के ही बलिया से असली आरोपी राजकुमार सिंह और वाराणसी से शातिर अपराधी विनय राय उर्फ पंपम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

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