चंडीगढ़ नगर निगम विवाद: प्रशासक ने कमिश्नर से तलब किया जवाब, मेयर भी सवालों के घेरे में

चंडीगढ़. नगर निगम सदन की बैठक में बिना चर्चा के अहम प्रस्ताव पास किए जाने से प्रशासक गुलाब चंद कटारिया खफा हैं। उन्होंने निगम कमिश्नर अमित कुमार से इस पर जवाब तलब किया है। इस मामले में मेयर सौरभ जोशी पर भी सवाल उठे हैं। प्रशासक ने कमिश्नर को फटकार लगाते हुए कहा कि क्या तमाशा बनाकर रखा है। इस तरह प्रस्ताव पास किए जाने की जल्दबाजी का कारण भी पूछा। प्रशासनिक सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है। प्रशासक कई पार्षदों को बुलाकर इसकी विस्तृत जानकारी लेंगे। बुधवार को यूटी सचिवालय में जनसुनवाई के दिन इस मामले पर

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Published On :

अगस्त 3, 2026

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चंडीगढ़.

नगर निगम सदन की बैठक में बिना चर्चा के अहम प्रस्ताव पास किए जाने से प्रशासक गुलाब चंद कटारिया खफा हैं। उन्होंने निगम कमिश्नर अमित कुमार से इस पर जवाब तलब किया है। इस मामले में मेयर सौरभ जोशी पर भी सवाल उठे हैं।

प्रशासक ने कमिश्नर को फटकार लगाते हुए कहा कि क्या तमाशा बनाकर रखा है। इस तरह प्रस्ताव पास किए जाने की जल्दबाजी का कारण भी पूछा। प्रशासनिक सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है। प्रशासक कई पार्षदों को बुलाकर इसकी विस्तृत जानकारी लेंगे। बुधवार को यूटी सचिवालय में जनसुनवाई के दिन इस मामले पर वरिष्ठ अधिकारियों से बात हो सकती है। बता दें कि निगम सदन की बैठक में टेबल एजेंडा के तौर पर 15 से अधिक प्रस्ताव लाए गए थे। इनमें से चार प्रस्ताव पर ही चर्चा हुई थी। बाकी 11 प्रस्ताव बिना चर्चा और पढ़े ही एक साथ पास कर दिए गए थे। इनमें सेक्टर-25 के सूखा कचरा प्रसंस्करण का प्लांट एजेंसी को दिए जाने का आरएफपी भी शामिल था। इसके अलावा भी पूरे शहर से जुड़े कई प्रस्ताव थे। पहले भी गार्बेज प्रोसेसिंग प्लांट से जुड़े प्रस्ताव विवादों का कारण बनते रहे हैं।

भाजपा के अपने पार्षद ही मेयर के खिलाफ
भारतीय जनता पार्टी में इन दिनों सब ठीक नहीं चल रहा है। अभी तक कई पार्षदों और नेताओं की अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा से नाराजगी दूर नहीं हुई थी। पार्षद अध्यक्ष की बुलाई प्री हाउस बैठकों तक में नहीं पहुंच रहे हैं। अब कई पार्षद अपने ही मेयर सौरभ जोशी के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर चुके हैं। कई पार्षद मेयर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। वह मेयर पर शहर के महत्वपूर्ण प्रस्ताव निगम सदन में बिना चर्चा के ही पास किए जाने से नाराज हैं। पार्षद पहले भी अपने पार्षदों की बजाए विपक्षी पार्षदों को ज्यादा मौका दिए जाने के आरोप मेयर पर लगाते रहे हैं। यह नाराज पार्षद इस सप्ताह मेयर के खिलाफ धरना तक शुरू करने की योजना बना चुके हैं।

अगर ऐसा होता है तो यह मेयर ही नहीं भारतीय जनता पार्टी की मुश्किल भी बढ़ा सकता है। बताया जा रहा है कि इन पार्षदों ने मेयर की शिकायत पार्टी अध्यक्ष से भी की है। भाजपा के कई पार्षद निगम अधिकारियों की कार्यप्रणाली से भी खुश नहीं हैं। पार्षद कंवरजीत सिंह राणा ने तो निगम सदन की बैठक में काम नहीं होने पर सप्ताह बाद धरने पर बैठने की चेतावनी तक दे रखी है। उन्होंने निगम अधिकारियों पर कई तरह के आरोप लगाए हैं। उन्होंने बुड़ैल एरिया में चार-चार फीट तक जलभराव होने का मामला उठाया था। साथ ही रोड गलियों की सफाई के मामले में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए थे।

चुनाव से पहले बढ़ रही कलह
जैसे जैसे निगम चुनाव नजदीक आ रहे हैं भाजपा में कलह बढ़ती जा रही है। यह कलह और नाराजगी चुनाव में पार्टी को नुकसान पहुंचाएगी। साल के अंत में निगम चुनाव होने हैं। वहीं कांग्रेस संगठन को मजबूत करने में जुटी है। भाजपा के असंतुष्ट पार्षदों के रुख पर कांग्रेस की नजर है। आप ने पार्षद प्रत्याशी चयन के लिए अभियान भी शुरू कर दिया है।

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