Chandigarh GMCH 32 Doctor Death: चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH-32) में मंगलवार का दिन एक बेहद दुखद खबर लेकर आया। अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में तैनात 24 वर्षीय जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर योगेश ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने न केवल अस्पताल के कर्मचारियों और डॉक्टरों को स्तब्ध कर दिया है, बल्कि शहर में भी एक बड़ी चर्चा का विषय बना दिया है। डॉ. योगेश अस्पताल के जनरल मेडिसिन विभाग में पीजी जूनियर रेजिडेंट के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनकी इस असामयिक मृत्यु से पूरे मेडिकल परिसर में सन्नाटा और शोक व्याप्त है।
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क्या है पूरी घटना?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार को ड्यूटी के दौरान डॉ. योगेश अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के शौचालय में गए थे। काफी समय तक बाहर न आने पर जब खोजबीन की गई, तो उनका शव वहीं मिला। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि उन्होंने खुद को कोई जानलेवा इंजेक्शन लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त की है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल से ‘पोटैशियम क्लोराइड’ के चार इंजेक्शन बरामद किए गए हैं, जिसके आधार पर यह माना जा रहा है कि डॉक्टर ने इन्हीं का इस्तेमाल किया होगा। हालांकि, अभी तक किसी भी बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मौत के सटीक कारणों का पता केवल विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही चल पाएगा।
पुलिस की सक्रियता और साक्ष्य की तलाश
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों, फॉरेंसिक विशेषज्ञों और अस्पताल प्रशासन के वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है ताकि मौत का सही समय और कारण सुनिश्चित किया जा सके। पुलिस टीम अस्पताल में मौजूद अन्य रेजिडेंट डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और डॉ. योगेश के सहकर्मियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस इस बात पर भी गौर कर रही है कि क्या पिछले कुछ दिनों से डॉ. योगेश किसी तरह के मानसिक तनाव, पारिवारिक दबाव या कार्यस्थल के किसी समस्या से जूझ रहे थे।
मानसिक स्वास्थ्य और कार्यस्थल के दबाव पर सवाल
एक युवा डॉक्टर की इस तरह की मौत ने रेजिडेंट डॉक्टरों की कार्यशैली और उन पर रहने वाले मानसिक दबाव के मुद्दे को फिर से उजागर कर दिया है। चिकित्सा पेशे में काम का लंबा समय और अत्यधिक दबाव अक्सर युवाओं के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू पर गहनता से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर ऐसी कौन सी परिस्थिति बनी जिसने एक होनहार डॉक्टर को आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने भी इस मामले में पूरी पारदर्शिता बरतने और पुलिस को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया है।










