UP News: चंदौली में समाजवादी पार्टी की महिला सभा की जिलाध्यक्ष गार्गी सिंह पटेल के साथ हुई मारपीट की घटना ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने इस घटना की तीखी शब्दों में निंदा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह शर्मनाक घटना समाजवादी पार्टी के वास्तविक और दमित चरित्र को जनता के सामने उजागर करती है।
महिला सुरक्षा और सपा के खोखले दावों की पोल
बताते चले कि, पंकज चौधरी ने तंज कसते हुए कहा कि जिस पार्टी के नेता मंचों से महिला सम्मान, सामाजिक न्याय और उनके अधिकारों के बड़े-बड़े दावे करते हैं, उसी पार्टी में एक महिला पदाधिकारी तक सुरक्षित नहीं है। उन्होंने समाजवादी पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए मांग की है कि पार्टी को प्रदेश की समस्त महिलाओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ अविलंब कठोर कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की।
महिला स्वाभिमान पर हमले से सपा की बदनामी
शुक्रवार को जारी अपने आधिकारिक बयान में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि यह केवल एक पदाधिकारी पर किया गया व्यक्तिगत हमला नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की समस्त महिलाओं के मान-सम्मान पर सीधा प्रहार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा का तथाकथित ‘पीडीए’ (PDA) अब ‘पीड़ा, दमन और अपमान’ का प्रतीक बनकर रह गया है। उन्होंने कहा कि सपा की राजनीति केवल दिखावे और नारों तक सिमट गई है, जबकि उनकी कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है।
पोस्टरों तक सीमित महिला नेतृत्व और सपा की मानसिकता
केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री ने आगे कहा कि चंदौली की इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि सपा में महिलाओं को मात्र पोस्टरों और चुनावी प्रचार तक ही सीमित रखा जाता है। जमीनी हकीकत यह है कि वहां महिलाएं लगातार अपमान और प्रताड़ना का शिकार हो रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जागरूक महिलाएं सपा की इस दोहरी मानसिकता को भली-भांति पहचान चुकी हैं, जहां मंच पर सम्मान का ढोंग किया जाता है और व्यवहार में दमन किया जाता है।
अराजकता और गुटबाजी का पर्याय बना सपा का महिला सम्मान मॉडल
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए पंकज चौधरी ने कहा कि समाजवादी पार्टी का ‘महिला सम्मान मॉडल’ पूरी तरह खोखला और अवसरवादी है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ और अन्य योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सुरक्षा, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता प्रदान की है। इसके विपरीत, विपक्षी दल केवल अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए महिलाओं के मुद्दों का उपयोग करते हैं। चंदौली की यह घटना स्पष्ट रूप से सपा के भीतर व्याप्त अराजकता, गुटबाजी और महिला विरोधी मानसिकता का एक जीवंत प्रमाण है।










