Champat Rai’s controversial statement on Lord Ram: चंपत राय ने सच में कहा ‘नहीं चाहिए राम राज्य’? वायरल वीडियो ने अयोध्या में खड़ा किया नया बवंडर

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय एक बार फिर विवादों में हैं। उनके एक कथित वायरल वीडियो को लेकर अयोध्या के महंत संत दास ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। वीडियो में चंपत राय कथित तौर पर 'राम राज्य' को लेकर टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं, जिस पर अयोध्या में भारी आक्रोश है।

Ram Mandir Donation Controversy

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 15, 2026

Champat Rai’s controversial statement on Lord Ram: अयोध्या में राम मंदिर दान चोरी और जमीन खरीद-फरोख्त के आरोपों से घिरे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय एक बार फिर गंभीर विवादों में आ गए हैं। सोशल मीडिया पर उनके एक कथित इंटरव्यू का वीडियो क्लिप वायरल होने के बाद अयोध्या के संत समाज और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। इस मामले में अयोध्या के प्रसिद्ध रामजानकी मंदिर के महंत संत दास उर्फ राजेश सिंह मानव ने चंपत राय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने धार्मिक भावनाएं आहत करने और जमीन से जुड़े मुद्दों को लेकर चंपत राय के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए श्रीरामजन्मभूमि थाने में एक लिखित तहरीर दी है। इस दौरान महंत संत दास और उनके समर्थकों ने थाने के बाहर चंपत राय के विरोध में जमकर नारेबाजी की और प्रदर्शन किया।

कथित बयान पर चंपत राय को बताया ‘रामद्रोही’

एक रिपोर्ट के मुताबिक, महंत संत दास ने एक प्रमुख समाचार चैनल पर दिए गए चंपत राय के पुराने इंटरव्यू का हवाला देते हुए उन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। संत दास का दावा है कि वायरल वीडियो क्लिप में चंपत राय यह कहते सुनाई दे रहे हैं, “हमको राम राज्य नहीं चाहिए। भगवान राम जब अपने भाई लक्ष्मण के ही नहीं हुए, तो हम लोगों के क्या होंगे।” इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए महंत संत दास ने चंपत राय को ‘रामद्रोही’ और ‘राम राज्य से घृणा करने वाला व्यक्ति’ करार दिया। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या के विकास के नाम पर कई स्थानीय निवासियों और गरीबों के मकान मनमाने ढंग से ढहा दिए गए और प्रभावितों को एक रुपया भी मुआवजा नहीं दिया गया।

क्या है वायरल वीडियो का पूरा सच?

सोशल मीडिया पर जो वीडियो क्लिप तेजी से प्रसारित हो रही है, उसमें चंपत राय कथित तौर पर यह कहते हुए दिख रहे हैं, “रामराज्य बहुत कठिन है, रामराज्य लाने से तो मैं ही डरता हूँ। राम ने अपने भाई को नहीं बख्शा, इसलिए रामराज्य की मैं कल्पना नहीं करता, जो करते हैं वो करें।” वीडियो में वे आगे बुनियादी ढांचे पर बात करते हुए कहते हैं, “अयोध्या में लाखों लोग आएंगे, हम यह कल्पना कर रहे हैं। वे सड़क, हवाई जहाज और ट्रेन से आएंगे। इसलिए सड़कें कितनी चौड़ी हों और प्लेटफॉर्म कितने लंबे हों, सरकारों को इसकी व्यवस्था करनी होगी।” शिकायतकर्ताओं का तर्क है कि भगवान राम और लक्ष्मण के पवित्र रिश्ते पर इस तरह की टिप्पणी से दुनिया भर के करोड़ों सनातनियों और राम भक्तों की धार्मिक आस्था को गहरी ठेस पहुंची है।

वीडियो की प्रामाणिकता की जांच जारी

हालांकि, इस वायरल वीडियो की सत्यता और प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। यह भी अभी तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि यह वीडियो कितना पुराना है और चंपत राय के इस बयान का असल संदर्भ और पूरा परिप्रेक्ष्य क्या था। अयोध्या पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और यदि वीडियो की सत्यता व शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो कानून के मुताबिक आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि चंपत राय का विवादों से पुराना नाता रहा है; इससे पहले भी उनका एक कथित पुराना वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे पत्रकारों को अपशब्द कहते नजर आ रहे थे और दावा कर रहे थे कि आज वही पत्रकार उनका बहुत सम्मान करते हैं। फिलहाल, इस नए विवाद ने अयोध्या की कानून-व्यवस्था और सियासत दोनों को गरमा दिया है।