Champat Rai Resignation : राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद, चंपत राय के इस्तीफे की खबर से मचा बवाल, ट्रस्ट का बयान आया

राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच चंपत राय के इस्तीफे की खबरों ने नई बहस छेड़ दी। इसके बाद ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक बयान भी सामने आया है। आखिर बयान में क्या कहा गया और इस्तीफे की चर्चाओं की सच्चाई क्या है, जानिए पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट।

Champat Rai Resignation

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 27, 2026

Champat Rai Resignation : अयोध्या के राम मंदिर में हुए दान और चढ़ावे में गड़बड़ी के मामले ने अब एक बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक मोड़ ले लिया है। लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए राम मंदिर ट्रस्ट ने आधिकारिक रूप से महासचिव चंपत राय और न्यासी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि कर दी है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष, स्वामी गोविन्ददेव गिरि ने एक औपचारिक पत्र जारी कर बताया कि दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने पद से त्यागपत्र सौंप दिए हैं। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि इन इस्तीफों पर विचार-विमर्श आगामी बैठक में किया जाएगा। इस घटनाक्रम ने राम मंदिर की व्यवस्था और उसकी आंतरिक सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

भक्तों की आस्था की सुरक्षा को लेकर ट्रस्ट का आधिकारिक रुख

स्वामी गोविन्ददेव गिरि ने अपने संदेश में कहा कि राम मंदिर में हुई हालिया घटनाएं ट्रस्ट के लिए अत्यंत दुखद और स्तब्ध करने वाली हैं। उन्होंने देश भर के राम भक्तों को आश्वस्त किया है कि ट्रस्ट पूरी घटना की न्यायपूर्ण जांच के लिए दृढ़ संकल्पित है। दानदाताओं की चिंताओं को दूर करते हुए ट्रस्ट ने बयान दिया है कि भक्तों द्वारा सीधे अधिकारियों को सौंपी गई चांदी की ईंटें और आभूषण पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनका हिसाब-किताब दुरुस्त है। दानपात्रों से प्राप्त राशि में हुई हेराफेरी के संदर्भ में, ट्रस्ट ने उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा गठित एसआईटी (SIT) की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर (FIR) दर्ज करवाई है और मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है।

दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और अफवाहों से बचने की अपील

ट्रस्ट ने संकल्प जताया है कि भविष्य में ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों को कानून के तहत सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए ट्रस्ट पूरा सहयोग करेगा। असामाजिक और स्वार्थी तत्वों पर कटाक्ष करते हुए ट्रस्ट ने कहा कि सनातन धर्म पर लांछन लगाने के प्रयास कभी सफल नहीं होंगे। साथ ही, उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक और निराधार अफवाहों से गुमराह न हों। ट्रस्ट को पूर्ण विश्वास है कि सत्य की जीत होगी और श्रीराम की भक्ति की अखंड धारा अनवरत बहती रहेगी।

11 जुलाई की बैठक: नया महासचिव और बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

इस घटनाक्रम के बाद अब सभी की निगाहें राम मंदिर ट्रस्ट की आगामी बैठक पर टिकी हैं। ट्रस्ट के सदस्य, उडुपी पीठाधीश्वर विश्व तीर्थ प्रपन्नाचार्य जी महाराज ने जानकारी दी है कि 11 जुलाई को ट्रस्ट के सदस्यों की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। यह बैठक राम मंदिर के भविष्य के स्वरूप और प्रशासनिक नियुक्तियों के लिए निर्णायक होगी। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बैठक में चंपत राय की जगह नए महासचिव और डॉ. अनिल मिश्रा के स्थान पर नए न्यासी का चयन किया जा सकता है। साथ ही, मंदिर परिसर की सुरक्षा और व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए एक सीईओ (CEO) की नियुक्ति पर भी चर्चा संभावित है।

सत्य की खोज और पारदर्शिता का दौर

राम मंदिर ट्रस्ट के लिए यह समय कठिन अग्निपरीक्षा का है। एक तरफ कानूनी जांच चल रही है, तो दूसरी तरफ प्रबंधन में बड़े बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 11 जुलाई की बैठक न केवल रिक्त पदों को भरने के लिए होगी, बल्कि यह भी तय करेगी कि ट्रस्ट अपनी खोई हुई साख को वापस पाने और पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है। श्रद्धालुओं के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि मंदिर के कोष और संचालन में पूरी तरह पारदर्शिता बरती जाए ताकि करोड़ों लोगों की आस्था अक्षुण्ण बनी रहे।

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