Ayodhya News: राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय पहुंचे अयोध्या, संतों से मुलाकात कर दिया बड़ा संदेश

राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने अयोध्या में संतों से मुलाकात के दौरान बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि वह अंतिम सांस तक अयोध्या नहीं छोड़ेंगे। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर उन्होंने कहा कि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही वह सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखेंगे।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 5, 2026

Ayodhya News:  राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव और राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे चंपत राय ने अयोध्या को लेकर बड़ा बयान दिया है। चातुर्मास के दौरान अयोध्या पहुंचे चंपत राय ने स्पष्ट किया कि वह अपनी अंतिम सांस तक भगवान राम की नगरी अयोध्या में ही रहेंगे। राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण के करीब दो महीने बाद उनकी अयोध्या में सक्रिय मौजूदगी ने धार्मिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर चंपत राय ने रखा अपना पक्ष

बताते चले कि, चंपत राय अयोध्या की तपस्वी छावनी पहुंचे, जहां उन्होंने कई संतों और धर्माचार्यों से मुलाकात की। इस दौरान राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर भी चर्चा हुई। संतों के सामने अपना पक्ष रखते हुए चंपत राय ने कहा कि मामले की जांच कर रही एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद वह पूरे विषय पर सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देना उचित नहीं होगा। चंपत राय ने संत समाज को भरोसा दिलाया कि वह पूरे मामले में सत्य सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।

दिगंबर अखाड़े में पहुंचे चंपत राय

अयोध्या दौरे के दौरान चंपत राय सबसे पहले राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख केंद्र रहे दिगंबर अखाड़ा पहुंचे। यहां उन्होंने दिवंगत महंत रामचंद्र दास परमहंस के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने महंत सुरेश दास और उनके उत्तराधिकारी राम लखन दास से मुलाकात की।दिगंबर अखाड़े में चंपत राय ने करीब एक घंटे का समय बिताया। इस दौरान राम मंदिर आंदोलन से जुड़े पुराने अनुभवों और वर्तमान परिस्थितियों पर भी संतों के साथ चर्चा हुई।

तपस्वी छावनी में वैदिक मंत्रों के साथ हुआ स्वागत

इसके बाद चंपत राय तपस्वी छावनी पहुंचे, जहां वैदिक आचार्यों ने मंत्रोच्चारण के साथ उनका स्वागत किया। उन्होंने तपस्वी छावनी के महंत जगद्गुरु परमहंसाचार्य से भी मुलाकात की। दोनों के बीच बंद कमरे में करीब 30 मिनट तक बातचीत हुई।मुलाकात के दौरान मंदिर निर्माण, राम जन्मभूमि आंदोलन और वर्तमान परिस्थितियों को लेकर भी चर्चा हुई। इसके अलावा चंपत राय ने कई अन्य संतों से भी आशीर्वाद लिया और धार्मिक विषयों पर संवाद किया।

संतों ने की चंपत राय से अयोध्या नहीं छोड़ने की अपील

जगद्गुरु परमहंसाचार्य ने चंपत राय की जमकर प्रशंसा करते हुए उन्हें राम मंदिर निर्माण का महत्वपूर्ण योद्धा बताया। उन्होंने कहा कि चंपत राय वर्षों से अयोध्या और राम मंदिर आंदोलन से जुड़े हुए हैं। उनके नेतृत्व और समर्पण को देखते हुए सनातन समाज में उनके प्रति गहरी श्रद्धा है।महंत परमहंसाचार्य ने कहा कि संत समाज ने चंपत राय से आग्रह किया है कि वह अयोध्या छोड़कर कहीं न जाएं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण में उनका योगदान ऐतिहासिक है और अयोध्या को उनकी जरूरत है।

चंपत राय ने दिया अयोध्या में रहने का संकल्प

संतों की अपील पर चंपत राय ने कहा कि वह संत समाज के आदेश का सम्मान करेंगे और अंतिम सांस तक अयोध्या में ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि अयोध्या उनके लिए केवल एक स्थान नहीं बल्कि आस्था, सेवा और जीवन का केंद्र है।चंपत राय के इस बयान के बाद राम मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं और संत समाज में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। अब सभी की नजर एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट और चंपत राय के आगामी बयान पर टिकी हुई है।