Chamba Road Accident: चंबा में दर्दनाक सड़क हादसा, खाई में गिरी इनोवा, 8 लोगों की मौके पर मौत

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 8 पर्यटकों की मौत हो गई है। बेंगलुरु के दो परिवारों को ले जा रही एक इनोवा कार चुराह उपमंडल के दुर्गम बैरगढ़-साच पास मार्ग पर अनियंत्रित होकर 500 फीट गहरी खाई में जा गिरी।

Chamba Road Accident

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मई 31, 2026

Chamba Road Accident: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में एक अत्यंत हृदयविदारक सड़क हादसा सामने आया है। पर्यटकों से भरी एक इनोवा कार अनियंत्रित होकर 500 फीट गहरी खाई में जा गिरी, जिससे कार में सवार 8 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह भीषण हादसा चंबा के चुराह उपमंडल के अंतर्गत आने वाली बैरगढ़-सच पास-किलर सड़क पर हुआ।

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हादसे की पृष्ठभूमि और घटनाक्रम

यह दुखद घटना शुक्रवार देर रात की है, हालांकि इसके बारे में स्थानीय प्रशासन और लोगों को जानकारी शनिवार को मिली। कार में सवार पर्यटक बेंगलुरु से आए थे, जो डलहौजी घूमने के लिए आए थे। यहाँ डलहौजी में ही दो परिवारों ने आपस में एक टैक्सी साझा की और साच पास के बर्फीले नजारों का दीदार करने के लिए आगे बढ़े।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कार में कुल 9 लोग सवार थे, जिनमें ड्राइवर और दो बच्चे भी शामिल थे। मृतकों की पहचान ड्राइवर विश्वास (निवासी बनीखेत), अरविंद चंद्राकर और उनकी पत्नी प्राची व बेटा दर्श (8 वर्ष), अक्षाद (11 वर्ष), पीजी कार्तिकेयन (निवासी व्हाइट फील्ड कर्नाटक), उनकी पत्नी मणिमाला और बेटा नंदन के रूप में हुई है।

दुर्गम रास्ता और खराब मौसम बने काल

साच पास की ओर जाने वाला यह मार्ग हिमाचल प्रदेश के सबसे दुर्गम और खतरनाक रास्तों में से एक माना जाता है। हादसे के पीछे खराब मौसम और बर्फीले रास्तों को एक बड़ी वजह माना जा रहा है। जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय रात का घना अंधेरा था, जिसके कारण कोई भी मदद समय पर नहीं पहुँच सकी। दुर्गम भौगोलिक स्थिति और पथरीली खाई के कारण रात के समय बचाव कार्य शुरू करना नामुमकिन था।

रेस्क्यू ऑपरेशन की चुनौती

हादसे के बाद से ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। प्रशासन और पुलिस ने घटना की सूचना मृतकों के परिजनों को दे दी है। हादसे की भीषणता को देखते हुए, स्थानीय ‘बैरागढ़ कमेटी’ ने मानवीय आधार पर लोगों से रेस्क्यू ऑपरेशन में सहायता करने की भावुक अपील की है।

आज, रविवार 31 मई की सुबह 8 बजे से बड़े स्तर पर बचाव कार्य शुरू किया गया है। दुर्गम खाई में रस्सियों और ‘ह्यूमन चेन’ बनाकर स्थानीय लोगों, पुलिस और प्रशासन की टीम शवों को सड़क तक लाने का कठिन कार्य कर रही है। तीसा और बैरागढ़ पुलिस संयुक्त रूप से इस रेस्क्यू अभियान का नेतृत्व कर रही है।

हादसे के संभावित कारण

पुलिस और जिला प्रशासन फिलहाल दुर्घटना के वास्तविक कारणों की गहन जांच कर रहे हैं। प्रथम दृष्टया हादसे के पीछे कई संभावनाएं जताई जा रही हैं, रात का समय होने के कारण ड्राइवर को नींद की झपकी आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऊँचाई वाले क्षेत्रों में सड़क पर बर्फ या पाला जमने से कार का टायर फिसलना भी एक बड़ा कारण हो सकता है। पहाड़ी रास्तों की कठिन चढ़ाई के कारण वाहन में कोई अचानक तकनीकी खराबी आना भी हादसे का सबब बन सकता है।

फिलहाल, पूरा प्रशासन और स्थानीय लोग इस मुश्किल घड़ी में शवों को निकालने और कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने में जुटे हुए हैं। यह घटना पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा के दौरान सुरक्षा और सावधानी बरतने की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित करती है।

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