Chaitra Navratri Navami 2026: नवमी तिथि पर हवन के बिना अधूरी है पूजा, नोट कर लें सामग्री लिस्ट और विधि

चैत्र नवरात्रि की महानवमी आज, 27 मार्च 2026 को मनाई जा रही है। मां सिद्धिदात्री की पूजा के साथ ही आज नौ दिनों के अनुष्ठान का समापन हवन और कन्या पूजन से होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बिना हवन के नवरात्रि की पूजा अधूरी मानी जाती है।

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Nivedita Kasaudhan

Published On :

मार्च 27, 2026

Chaitra Navratri Navami 2026: चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि को महानवमी कहा जाता है। यह पर्व 27 मार्च 2026 को मनाया जाएगा। नवरात्रि के नौ दिनों की पूजा का समापन इसी दिन होता है। इस दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा, कन्या पूजन और हवन का विशेष महत्व है। हवन को नवरात्रि साधना का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जाता है, जो पूरे नौ दिनों की आराधना को पूर्णता प्रदान करता है।

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नवमी तिथि और हवन का शुभ मुहूर्त

Chaitra Navratri Navami 2026
नवमी तिथि पर हवन के बिना अधूरी है पूजा

नवमी तिथि: 27 मार्च 2026 को सुबह 10:06 बजे तक

हवन मुहूर्त: सुबह 6:17 से 10:54 तक

सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 6:17 से दोपहर 3:24 तक (इस योग में किए गए धार्मिक कार्य विशेष फलदायी होते हैं)

रवि योग: पूरे दिन

इस दिन अग्निवास भी पृथ्वी पर रहेगा, जिससे हवन का फल और अधिक शुभकारी होगा।

अग्निवास का महत्व

शास्त्रों के अनुसार अग्नि तीन स्थानों पर निवास करती है—

पृथ्वी: सुख और सुविधा प्रदान करती है।

आकाश: जीवन के लिए हानिकारक माना जाता है।

पाताल: धन का नाश करती है।

27 मार्च 2026 को अग्निवास पृथ्वी पर है, इसलिए इस दिन किया गया हवन अत्यंत शुभ फल देने वाला होगा।

हवन सामग्री

आम या पीपल की सूखी लकड़ी (समिधा)

शुद्ध देसी घी

जौ और तिल

हवन सामग्री (जड़ी-बूटियों का मिश्रण)

नारियल, चावल (अक्षत), फूल और माला

कपूर, पान, सुपारी, लौंग, इलायची

गुड़ या शक्कर

रोली, मौली (कलावा), गंगाजल

धूप, दीप और अगरबत्ती

देवी मंत्र या दुर्गा सप्तशती की पुस्तक

हवन विधि

घर के साफ-सुथरे स्थान पर हवन कुंड स्थापित करें। उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें।हाथ में जल, फूल और अक्षत लेकर देवी-देवताओं का स्मरण करें और संकल्प लें। हवन कुंड में लकड़ी रखें और कपूर से अग्नि प्रज्वलित करें। सबसे पहले गणेश जी के मंत्र से आहुति दें। फिर देवी मंत्रों के साथ आहुति दें। हर मंत्र के बाद “स्वाहा” बोलते हुए सामग्री अग्नि में डालें। जौ, तिल और घी मिलाकर 11, 21 या 108 आहुति दें। अंत में नारियल, गुड़ और घी मिलाकर पूर्णाहुति दें।देवी से प्रार्थना करें कि हवन सफल हो और किसी भी त्रुटि के लिए क्षमा मांगें। अंत में आरती करें और प्रसाद का वितरण करें।

चैत्र नवरात्रि की महानवमी पर किया गया हवन न केवल नौ दिनों की साधना को पूर्ण करता है, बल्कि जीवन में सुख, शांति और समृद्धि भी लाता है। 2026 में महानवमी का शुभ मुहूर्त सुबह के समय रहेगा, जिसमें हवन करने से विशेष फल प्राप्त होगा।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां पौराणिक कथाओं,धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। खबर में दी जानकारी पर विश्वास व्यक्ति की अपनी सूझ-बूझ और विवेक पर निर्भर करता है। प्राइम टीवी इंडिया इस पर दावा नहीं करता है ना ही किसी बात पर सत्यता का प्रमाण देता है।