Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि पूजा में भूलकर भी न करें ये गलतियां, जानें जरूरी नियम

19 मार्च 2026 से चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो रहा है, जिसकी शुरुआत पारंपरिक 'घटस्थापना' के साथ होगी। इस वर्ष कलश स्थापना के लिए सुबह 06:52 से 07:43 बजे तक का समय सबसे श्रेष्ठ है।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मार्च 18, 2026

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म में वर्ष की पहली नवरात्रि होती है। इसकी शुरुआत चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से होती है और नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इसी दिन से हिंदू नववर्ष और नवसंवत्सर का भी प्रारंभ होता है। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना या कलश स्थापना कर मां दुर्गा का आह्वान किया जाता है।

Chaitra Navratri 2026: कल पधारेंगी मां भवानी! जानें घटस्थापना का सबसे सटीक मुहूर्त और संपूर्ण पूजन विधि

चैत्र नवरात्रि की तिथि

Chaitra Navratri 2026
नवरात्रि पूजा में भूलकर भी न करें ये गलतियां

पंचांग के अनुसार, चैत्र मास की शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि 19 मार्च 2026 को सुबह 6:52 बजे प्रारंभ होगी और 20 मार्च को सुबह 4:52 बजे समाप्त होगी। इस प्रकार चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ 19 मार्च से होगा।

घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

प्रातःकालीन मुहूर्त: 19 मार्च को सुबह 6:52 से 7:43 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 से 12:53 बजे तक

इन दोनों समयों में कलश स्थापना करना अत्यंत शुभ माना गया है।

पूजा में बचें इन गलतियों से

1. मदार का फूल न चढ़ाएं

मां दुर्गा को कभी भी मदार का फूल अर्पित नहीं करना चाहिए। यह विशेष रूप से चैत्र नवरात्रि में वर्जित माना गया है। साथ ही सूंघे हुए फूल भी अर्पित न करें।

2. केवल ताजे फल अर्पित करें

मां दुर्गा की पूजा में हमेशा ताजे फल ही चढ़ाएं। बासी या खराब फल अर्पित करना अशुभ माना जाता है। यदि ताजे फल उपलब्ध न हों तो अन्य विकल्प चुनें, लेकिन खराब फल न रखें।

3. तुलसी का पत्ता न चढ़ाएं

नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा को तुलसी का पत्ता अर्पित करना वर्जित है। मान्यता है कि मां दुर्गा के चंडिका रूप को तुलसी पसंद नहीं है।

4. चमड़े की वस्तुएं न रखें

पूजा स्थल पर चमड़े से बनी कोई भी वस्तु नहीं रखनी चाहिए। यह अशुद्ध माना जाता है और पूजा की पवित्रता को प्रभावित करता है।

5. टूटी-फूटी वस्तुओं का प्रयोग न करें

पूजा में प्रयुक्त होने वाली वस्तुएं जैसे कलश, दीपक या अन्य सामग्री टूटी या खंडित नहीं होनी चाहिए। पूजा से पहले इन्हें ध्यानपूर्वक जांच लें।

चैत्र नवरात्रि की शुरुआत: घटस्थापना का मुहूर्त कल सुबह, समय नोट कर लें

Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां पौराणिक कथाओं,धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। खबर में दी जानकारी पर विश्वास व्यक्ति की अपनी सूझ-बूझ और विवेक पर निर्भर करता है। प्राइम टीवी इंडिया इस पर दावा नहीं करता है ना ही किसी बात पर सत्यता का प्रमाण देता है।