CBSE 12th Result Controversy: बोर्ड रिजल्ट पर सवाल, CBSE की डिजिटल मार्किंग पर उठी उंगली

CBSE 12th Result को लेकर देशभर में विवाद गहराता जा रहा है क्योंकि डिजिटल मार्किंग सिस्टम पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और बड़ी संख्या में छात्र रिचेकिंग की मांग कर रहे हैं जिससे यह आशंका बढ़ गई है कि क्या बोर्ड को इस पूरी प्रक्रिया की दोबारा समीक्षा करनी पड़ेगी या नहीं

CBSE की डिजिटल मार्किंग पर उठी उंगली

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

मई 28, 2026

CBSE 12th Result Controversy: सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद देशभर में छात्रों के बीच असंतोष और नाराजगी देखने को मिल रही है। इस बार सबसे ज्यादा सवाल बोर्ड की ऑन-स्क्रीन मार्किंग और डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली पर उठ रहे हैं। कई छात्रों को अपने अंकों पर भरोसा नहीं हो रहा है, जिसके चलते बड़ी संख्या में रिचेकिंग और वेरिफिकेशन की मांग बढ़ गई है।

पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों के लिए जरूरी खबर, MP में फिजिकल फिटनेस एग्जाम शेड्यूल जारी

रिकॉर्ड स्तर पर स्कैन कॉपी 

बोर्ड द्वारा रिजल्ट के बाद जब उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी और मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए पोर्टल खोला गया, तो कुछ ही घंटों में भारी संख्या में आवेदन आने लगे। शुरुआती तीन घंटों में ही लाखों छात्रों ने अपनी आंसर शीट देखने के लिए आवेदन कर दिया, जिससे वेबसाइट पर अत्यधिक लोड पड़ गया।

अब तक लगभग चार लाख से अधिक छात्र अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की जांच और रिचेकिंग के लिए आवेदन कर चुके हैं। यह कुल परीक्षार्थियों का लगभग 23 प्रतिशत है, जो एक बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है।

डिजिटल मूल्यांकन पर उठ रहे गंभीर सवाल

इस साल सीबीएसई द्वारा करीब 98.60 लाख उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन किया गया, जिसमें 10वीं और 12वीं दोनों कक्षाओं के छात्र शामिल थे। कुल मिलाकर 17.68 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार रिचेकिंग और वेरिफिकेशन के मामलों में लगभग 238 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे शिक्षा जगत में चिंता बढ़ गई है।

क्या दोबारा हो सकती है 12वीं की परीक्षा?

छात्रों और सोशल मीडिया पर इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि क्या बोर्ड को 12वीं की परीक्षा दोबारा आयोजित करनी पड़ सकती है। हालांकि, अभी तक सीबीएसई की ओर से इस तरह का कोई आधिकारिक बयान या संकेत नहीं दिया गया है। फिलहाल बोर्ड केवल मार्क्स वेरिफिकेशन, स्कैन कॉपी उपलब्ध कराने और रिव्यू प्रक्रिया पर काम कर रहा है।

तकनीकी समस्याएं और पोर्टल क्रैश

रिचेकिंग प्रक्रिया शुरू होने के बाद से ही सीबीएसई का ऑनलाइन पोर्टल लगातार दबाव में रहा है। कई छात्रों ने शिकायत की है कि वेबसाइट बार-बार क्रैश हो रही है या “सर्विस अनअवेलेबल” का संदेश दिखा रही है।

कुछ मामलों में छात्रों को आवेदन करने के लिए कई बार लॉगिन करना पड़ा, जबकि कुछ छात्रों के खाते से पैसे कटने के बावजूद आवेदन सफल नहीं हुआ। यह समस्या खासकर रात के समय अधिक देखी जा रही है, जब पोर्टल अपेक्षाकृत सुचारु रूप से चलता है।

छात्र क्या मांग कर रहे हैं?

इस पूरे मामले में छात्र तीन स्तरों पर प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं:

  1. पहले चरण में मार्क्स वेरिफिकेशन करवा रहे हैं ताकि टोटलिंग और डेटा एंट्री की जांच हो सके।
  2. दूसरे चरण में उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी देखकर मूल्यांकन की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं।
  3. तीसरे चरण में कुछ छात्र रिवैल्यूएशन यानी दोबारा जांच की मांग कर रहे हैं।

RPSC RAS भर्ती 2026: 607 पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी, 4 जून से आवेदन शुरू

सरकार और मंत्रालय की प्रतिक्रिया

बढ़ते विवाद को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस मामले का संज्ञान लिया है। मंत्रालय ने सीबीएसई से पोर्टल क्रैश, स्कैन कॉपी की गुणवत्ता और तकनीकी गड़बड़ियों पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ ही यह भी निर्देश दिए गए हैं कि इस पूरी प्रक्रिया में शामिल बाहरी आईटी एजेंसियों की भूमिका और जिम्मेदारी की जांच की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं को रोका जा सके।