CBI ने कोर्ट में खोला राज, HPGCL अधिकारी को मौज-मस्ती करवाकर खेला गया करोड़ों का घोटाला

चंडीगढ़. हरियाणा पावर जेनरेशन कारपोरेशन लिमिटेड (एचपीजीसीएल) के वित्त निदेशक अमित दीवान की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पंचकूला में हुए 590 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में पकड़े जाने के बाद दीवान का नाम चंडीगढ़ में 83 करोड़ के क्रेस्ट घोटाले में भी सामने आ गया है। चंडीगढ़ सीबीआई ने वीरवार को अंबाला जेल से प्रोडक्शन वारंट लेकर दीवान को गिरफ्तार किया और फिर उसे चंडीगढ़ स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया। सीबीआई ने अदालत को बताया कि आरोपित अमित दीवान की आईडीएफसी बैंक के पूर्व मैनेजर रिभव ऋषि से सांठगांठ थीं। रिभव ही क्रेस्ट के फंड

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Published On :

मई 15, 2026

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चंडीगढ़.

हरियाणा पावर जेनरेशन कारपोरेशन लिमिटेड (एचपीजीसीएल) के वित्त निदेशक अमित दीवान की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पंचकूला में हुए 590 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में पकड़े जाने के बाद दीवान का नाम चंडीगढ़ में 83 करोड़ के क्रेस्ट घोटाले में भी सामने आ गया है।

चंडीगढ़ सीबीआई ने वीरवार को अंबाला जेल से प्रोडक्शन वारंट लेकर दीवान को गिरफ्तार किया और फिर उसे चंडीगढ़ स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया। सीबीआई ने अदालत को बताया कि आरोपित अमित दीवान की आईडीएफसी बैंक के पूर्व मैनेजर रिभव ऋषि से सांठगांठ थीं। रिभव ही क्रेस्ट के फंड से दीवान की खूब मौज करवाता था। रिभव ने कई बार अमित दीवान को 25 से 50 लाख रुपये कैश दिए। इसी रकम से वह कई बार घूमने भी जाता था। सीबीआई अब दोनों के बैंक अकाउंट भी खंगाल रही है। सीबीआई पता लगा लगा रही है कि कितनी बार आरोपित ने क्रेस्ट के फंड से कैश निकाला था। सीबीआई उसके बैंक खातों में संदिग्ध ट्रांसजेक्शन की भी जांच कर रही है।

सीबीआई ने आरोपित से पूछताछ के लिए कोर्ट से चार दिनों का रिमांड हासिल किया। आरोपित को अब 18 मई को कोर्ट में पेश किया जाएगा। स्मार्ट सिटी और क्रेस्ट दोनों घोटालों के मास्टरमाइंड कारोबारी विक्रम वधवा का भी सीबीआई ने दो दिनों का रिमांड लिया है। उसके खाते में भी क्रेस्ट के फंड से जुड़ी 75 लाख की ट्रांजक्शन मिली है, जिसकी सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है। वधवा को 16 मई को सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा। दो महीने पहले चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलाजी प्रमोशन सोसायटी (क्रेस्ट) में 83 करोड़ का घोटाला पकड़ा गया था।

आईपीएल टिकट से शुरू हुआ खेल
एचपीजीसीएल में वित्त निदेशक रहते हुए अमित दीवान ने सरकारी फंड में खूब गड़बड़ी की। आरोपित ने आईडीएफसी के पूर्व बैंक मैनेजर रिभव ऋषि के साथ मिलकर फर्जी कंपनियां बनाई जिनमें 50 करोड़ रुपये से ज्यादा के फर्जी लेनदेन किए। इन दोनों की मुलाकात आईपीएल मैच से शुरू हुई थी। रिभव ऋषि ने अमित दीवान से नजदीकियां बढ़ाने के लिए उसे आईपीएल मैच की टिकटें दी। इसके बाद दोनों ने मिलकर सरकारी फंड का दुरुपयोग शुरू कर दिया। रिभव ने क्रेस्ट में भी करोड़ों का गबन किया और कई बार बड़ी रकम दिवान को पहुंचाई।

रुपये के लेनदेन के लिए रखे थे डिलीवरी बाय
सीबीआई जांच में सामने आया है कि आरोपितों ने दो लड़कों को खास वजह से नौकरी पर रखा जिन्हें डिलीवरी का काम सौंपा गया था। उन्हीं के सरकारी फंड में रखी रकम को ईधर उधर पहुंचाया जाता था। सीबीआइ उन लड़कों का भी पता लगा रही है।

चंडीगढ़ पुलिस से सीबीआई को ट्रांसफर हुआ केस
दो महीने पहले चंडीगढ़ पुलिस ने स्मार्ट सिटी में 116.84 करोड़ और क्रेस्ट में करीब 83 करोड़ के घोटाले का पर्दाफाश किया था। स्मार्ट सिटी और क्रेस्ट की बड़ी रकम आईडीएफसी बैंक में एफडी के रूप में जमा था। आरोपितों ने मिलीभगत कर एफडी में जमा रकम को निकालकर शेल कंपनियों के जरिए रियल एस्टेट में निवेश किया गया। इसके बदले सरकारी अधिकारियों को मोटी रकम रिश्वत के रूप में दी गई। चंडीगढ़ प्रशासन ने इन दोनों मामलों की जांच सीबीआई को सौंपने के लिए गृह मंत्रालय से सिफारिश की थी। गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद सीबीआई ने दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज की।

दीवान पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का भी केस
अमित दीवान को पंचकूला में हुए घोटाले में 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। हाल ही में दीवान को बर्खास्त भी कर दिया गया। इसके बाद उसका नाम लेकर एचपीजीसीएल के फाइनेंस ऑफिसर बलवंत सिंह ने हरियाणा सचिवालय की आठवीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी थी। बलवंत ने सुसाइड नोट में अमित दिवान पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप लगाए थे, जिसके बाद उस पर सेक्टर-3 पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया था।

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