सावधान, अब चूहे मारने वाली दवा बेचना पड़ेगा महंगा, बिहार सरकार ने लगाया कड़ा प्रतिबंध

पटना बिहार में चूहे, गिलहरी समेत खेतों में फसलों को बचाने के लिए अन्य जीव-जंतुओं को मारने के लिए उपयोग की जाने वाली दवा Ratol Paste पर पूर्णतया प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से ऑनलाइन ऑर्डर भी नहीं कर सकेंगे। बिहार में चूहे, गिलहरी आदि को मारने वाली दवा रेटॉल पेस्ट (Ratol Paste) पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसकी ऑफलाइन और ऑनलाइन किसी तभी तरह की बिक्री नहीं हो सकेगी। साथ ही आम लोगों को भी इसका उपयोग नहीं करने की अपील की गई है। खेतों में अक्सर चूहे, गिलहरी और फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले अन्य

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Published On :

मार्च 31, 2026

पटना
बिहार में चूहे, गिलहरी समेत खेतों में फसलों को बचाने के लिए अन्य जीव-जंतुओं को मारने के लिए उपयोग की जाने वाली दवा Ratol Paste पर पूर्णतया प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से ऑनलाइन ऑर्डर भी नहीं कर सकेंगे।

बिहार में चूहे, गिलहरी आदि को मारने वाली दवा रेटॉल पेस्ट (Ratol Paste) पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसकी ऑफलाइन और ऑनलाइन किसी तभी तरह की बिक्री नहीं हो सकेगी। साथ ही आम लोगों को भी इसका उपयोग नहीं करने की अपील की गई है। खेतों में अक्सर चूहे, गिलहरी और फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले अन्य जीव-जंतुओं को मारने के लिए इस दवा का इस्तेमाल किया जाता है। बिहार के कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए इसकी बिक्री को प्रतिबंधित कर दिया।

भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा फॉस्फोरस से संबंधित कठोर सुरक्षा संहिता के प्रकाशन के बाद बिहार के कृषि विभाग ने यह रोक लगाई है। कृषि निदेशक ने बताया कि बिहार में कार्यरत अमेजन मीशो, जोमैटो जैसे सभी ई कॉमर्स प्लेटफार्म और अन्य खुदरा विक्रेताओं को निर्देश दिया गया है कि तत्काल प्रभाव से इस आदेश का पालन करें।

आदेश में कहा गया है कि अगर किसी विक्रेता द्वारा रेटॉल पेस्ट (कृंतकनाशक) की बिक्री करते हुए पाया जाता है, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित जिला स्तरीय सहायक निदेशक, पौधा संरक्षण को उपलब्ध कराई जाए। ऐसे दुकानदारों और विक्रेताओं के खिलाफ कानून की सुसंगत धाराओं एवं नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

क्या है रेटॉल पेस्ट
यह एक चिपचिपा, गाढ़ा पेस्ट या पाउडर‑आधारित उत्पाद होता है। यह जहरीला होता है। चूहे, गिलहरी आदि जीव-जंतु खाना समझकर खाते हैं और बाद में जहर के असर से मर जाते हैं। रेटॉल पेस्ट में आमतौर पर येलो-व्हाइट फास्फोरस नाम का बेहद खतरनाक पदार्थ होता है। यह एक प्रोटोप्लाज्मिक पॉइजन होता है। इसे खाने के बाद जीव-जंतुओं की कुछ देर में ही मौत हो जाती है। यह सीधे जीवित कोशिकाओं पर प्रहार करता है।

घरों और दुकानों में भी होता है इस्तेमाल
इस दवा का इस्तेमाल सिर्फ खेतों में ही नहीं, बल्कि घर, किराना दुकानें और अनाज-दाल आदि के गोदामों में भी इस्तेमाल किया जाता है। लोग अक्सर चूहों को भगाने (मारने) के लिए अपने घर-गोदाम में यह दवा रखते हैं।

इंसान के लिए भी जानलेवा है
यह दवा सिर्फ जीव-जंतुओं नहीं, बल्कि इंसानों के लिए भी जानलेवा होती है। रेटॉल पेस्ट की थोड़ी मात्रा भी इंसानों के शरीर में लिवर को नुकसान पहुंचा सकती है। ब्लड प्रेशर बढ़ना, खून का जमना, आंतरिक रक्तस्राव जैसी समस्या हो सकती है। सेवन के 48 घंटे के भीतर इसका असर दिखने लगता है। ज्यादा मात्रा में सेवन करने या उचित उपचार न मिलने पर इंसान की जान भी जा सकती है।

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